गर्भावस्था के दौरान पैरों में होने वाले खिंचाव को कैसे कम करें

how to get relief from leg cramps during pregnancy

अगर आपको अचानक अपनी पिंडलियों के आसपास दर्द और ऐंठन महूसस होती है तो संभवत आपके पैर में खिंचाव की समस्या हो सकती है। यह सामान्य परेशानी है जो शरीर को पानी की पर्याप्त मात्रा ना मिलने के कारण होती है। अगर गर्भवती महिलाएं इस समस्या का सामना कर रही हैं तो उन्हें अधिक सावधानी बरतने की जरुरत है और इस समस्या को बढ़ने से रोकना जरुरी है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान पैरों में ऐंठन या पैर दर्द होना काफी आम है। यह आम तौर पर दूसरे तिमाही के दौरान शुरू होता है और गर्भावस्था का समय बढ़ने के साथ-साथ यह और भी बदतर होने लगता है। इससे कैसे कम करें है और इससे कैसे बचा जा सकता है आइए जानते हैं। [ये भी पढ़ें: किन प्रमुख कारणों से हो सकता है गर्भपात]

पैरों में खिंचाव है तो कैसे करें दूर: अगर आपके पैरों मे खिंचाव होता है तुरंत इसे कम करने के लिए नीचे दी गई बातों का ध्यान रखें।

  • पैरों में ऐंठन और खिंचाव महसूस होने पर आप खड़े होने की कोशिश करें और हो सकें तो किसी ठंडें स्थान पर खड़े हो।
  • अपने पैर को सीधा करें और पैर के अंगूठे को मोड़ने की कोशिश करें। साथ ही अपने टखनों को आगे और पीछे की तरफ मोड़ें और हिलाएं। हल्की गर्माहट दें, इससे ऐंठन को कम करने में मदद मिलेगी।
  • कुछ मामलों में यह दर्द पैर में खून का थक्का जमने के कारण हो सकता है। इस स्थिति में गर्माहट देना या मसाज करना नुकसानदेह हो सकता है।
  • जब आप थोड़ा अच्छा महसूस करें और पैर को हिला पाएं तो चलने की कोशिश करें क्योंकि इससे आपके पैर में रक्त संचार सही होगा।  [ये भी पढ़ें: क्या गर्भावस्था के दौरान वजन उठाना होने वाली मां के लिए सुरक्षित है]

पैरों में होने वाले खिंचाव से कैसे बचें: गर्भावस्था के दौरान आप कुछ सावधानी बरत कर इस तरह के खिंचाव और पैर के दर्द को होने से रोक सकते हैं। इससे बचने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें-

  • अपने पैरों को क्रोस करके ना बैठें और पैर के अगूठों को ऊपर की ओर पॉइंट ना करें क्योंकि पैरों को क्रोस करके बैठने से पैरो में रक्त का संचार रुक जाता है और पैर के अगूठों को पॉइंट करने से पिंडलियों की मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। इससे पैर में खिंचाव होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
  • अगर आपके पैरों में खिंचाव बहुत गंभीर है तो अपने चिकित्सक के साथ इस बारे में बात करें ताकि इसका तुरंत उपचार किया जा सके।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान मालिश कराते वक्त भी सावधानी बरतने की जरुरत है। आपके टखनों और कलाई पर कुछ ऐसे प्रेशर प्वाइंट होते हैं जो गर्भाशय को उत्तेजित कर सकते हैं। साथ ही कुछ एसेंशियल ऑयल भी हैं जिनसे मालिश करना गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकता हैं। इसलिए मालिश करने से भी आपके पैरों में खिंचाव हो सकता है। किसी भी तरह की मालिश कराने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरुर कर लें।
  • यदि आप व्यायाम करते वक्त चक्कर आने या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस कर रही हैं और किसी तरह के संकुचन का अनुभव कर रही हैं तो व्यायाम करना बंद कर दें और इस विषय को लेकर डॉक्टर से बात करें।
  • ऐसे स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से बचें जिनमें आपको अपनी कमर के बल लेटना पड़े।

टिप्स:  नीचे दिए गए कुछ टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं-

  • पेय पदार्थों का सेवन ज्यादा करें जैसे पानी और स्वस्थ जूस।
  • अपने पैरों पर अधिक दबाव ना डालें।
  • चलने की आदत डालें और अधिक समय तक बैठें ना रहें।
  • वो जूते पहने जो आपके लिए सहज हो, साथ ही मजबूत और मुलायम हो।
  • ऐसे फलों को सेवन करें जिनमें पौटेशियम की प्रचुर मात्रा हो। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान कैसे करें हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल]
उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "