गर्भावस्था में तेज आवाज में गानें सुनना शिशु को कैसे प्रभावित करता है

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How Loud Music Or Noise Can Affect The Baby During Pregnancy

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के खानपान, व्यवहार आदि का प्रभाव उनके गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। महिलाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से उनके शिशु का सीधा जुड़ाव होता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान में महिलाओं को अपना और खुद से जुड़ी हर एक चीज का खास ख्याल रखना पड़ता है। बहुत सारी चीजें शिशु के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालती है उनमें से एक है बहुत तेज आवाज में गाने सुनना। धीमी आवाज में सूदिंग म्यूजिक सुनने से तनाव कम होता है जो कि बच्चों के शरीर के लिए लाभकारी होता है लेकिन 120 डेसीबल से तेज आवाज बच्चों के लिए हानिकारक होती है इससे उनके सुनने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। आइए जानते हैं कि तेज आवाज में गाने सुनना शिशु को कैसे प्रभावित करता है। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान एक्सरसाइज करते समय कुछ बातों का रखें ख्याल]

1.सुनने की शक्ति कम हो सकती है: प्रेग्नेंसी के 20वें सप्ताह के दौरान शिशु के कान के अंदर का, मध्य का और बाहरी भाग विकसित होने लगते हैं। ऐसे में अगर महिलाएं 85 डेसीबेल से अधिक तेज आवाज में 8 घंटे तक रहती है तो बच्चे को सुनने संबंधी समस्याएं पैदा हो जाती है जो कि शिशु के लिए हानिकारक होती है।

2. तनाव को बढ़ा देता है: अगर तेज आवाज में लंबे समय तक लगातार रहा जाए तो इससे शिशु में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। कोर्टिसोल एक स्ट्रैस हार्मोन होता है और इसके कारण बच्चा जन्म के बाद से ही चिड़चिड़ा हो जाता है। [ये भी पढ़ें: कितने प्रकार से हो सकता है गर्भपात]

3.जन्म दोष: बहुत ज्यादा तेज आवाज में गाने सुनने से बर्थ डिफेक्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे भ्रूण का प्राकृतिक विकास धीमा हो जाता है साथ ही इससे गर्भवती महिलाओं को भी तनाव, हाइपरटेंशन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बहुत तेज आवाज में गाने सुनने या ज्यादा देर तक शोर में रहने से बच्चा जन्म के बाद चीजों को तेजी से नहीं सीख पाता है।

4.समय से पहले जन्म का खतरा: प्री-मैच्योर डिलीवरी बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती है। गर्भावस्था के अंतिम महीनों में तेज आवाज में गाने सुनने से बच्चा जरुरत से ज्यादा एक्टिव हो जाता है और लेबर पेन जल्दी होना शुरु हो जाता है जिससे शिशु का समय से पहले जन्म होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बच्चे के जन्म से पहले तेज आवाज में गाने सुनने से बचना चाहिए।

5. शिशु के दिमाग पर असर होना: अगर गर्भवती महिलाएं लंबे समय तक तेज आवाज सुनती हैं तो बच्चे के दिमागी विकास के लिए भी हानिकारक होता है। यह भ्रूण के साधारण विकास को रोकता है साथ ही बच्चा दिमागी रुप से भी कमजोर बन जाता है। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं जो आपके शिशु को नुकसान पहुंचाती हैं]

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