मोटापा गर्भावस्था को कैसे प्रभावित करता है

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Does obesity affects pregnancy

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मोटापे की वजह से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो जाती हैं और गर्भावस्था के दौरान तो खास तौर पर ये महिलाओं के लिए हानिकारक होता है। मोटापा गर्भवति होने की प्रक्रिया को प्रतिबंधित और धीमा कर देता है। ऐसे में जब आप गर्भधारण करने की योजना बनाते हैं तो आपको अपने वजन को कम करने की सलाह दी जाती है ताकि आपके गर्भावस्था के दौरान कोई जटिलताएं ना आए और आप और आपका बच्चा स्वस्थ रहे। जब बॉडी मास इंडेक्स 30 से ऊपर होता है तब आपको समझ जाना चाहिए कि मोटापा बढ़ रहा है। दूसरी ओर बॉडी मास इंडेक्स 18.5 से 25 के बीच है। तो इसके लिए आपको स्वस्थ और हेल्दी रहना आवश्यक है ताकि आपका बच्चा स्वस्थ रहे। [ये भी पढ़ें: ब्रेस्टफीडिंग के दौरान क्या नहीं करना चाहिए]

कैसे मोटापे गर्भावस्था प्रतिबंधित करता है?
मोटापा महिलाओं के शरीर में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया को बाधित करता है। इसकी वजह से शरीर में एस्ट्रोजेन नामक हॉर्मोन बढ़ जाता है और आपके मेंस्ट्रुअल साइकल को अनियमित कर देता है। जैसा कि हम जानते हैं कि गर्भधारण करने के लिए सबसे अच्छा समय ओव्यूलेशन होता है। जरूरत से ज्यादा एस्ट्रोजेन आपकी ओव्यूलेशन को डिले कर देता है और इस वजह से प्रेग्नेंसी की संभावना कम हो जाती है। महिला शरीर में फैटी टिशू में वृद्धि होने के कारण शुक्राणु और ओबम मिल नहीं पाते।

मोटापा गर्भावस्था को प्रभावित करता है:
अगर गर्भवति होने के बाद भी मोटापा बढ़ता है तो ये आपके लिए जटिलताएं बढ़ा सकता है। हालांकि उन 9 महीनों में आपको अतिरिक्त सावधान रहने की जरूरत होती है। आपको इस तथ्य से अवगत रहना चाहिए कि मोटापा इस खुशी को कम कर सकता है। मोटापे के कारण गर्भपात, मधुमेह, यूरिनरी इंफेक्शन, प्री-एकलैंप्सिया होता है। यह आपकी प्रेग्नेंसी को 9 महीने से भी ज्यादा समय तक बढ़ा सकता है और डिलीवरी के दौरान गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। मोटापा के कारण आपका बच्चा प्रीमैच्योर हो सकता है। [ये भी पढ़ें: डिलीवरी के बाद क्या सावधानी बरतें]

मोटापा खराब हो सकता है:
जब मोटापा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है तो ये शरीर के लिए कई स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकता है। इसकी वजह से होने वाली समस्याएं जैसे कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, हार्ट डीजिज और साथ ही आपके आत्मविश्वास को भी प्रभावित करता है। यदि आप बच्चे की योजना बना रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपको किसी प्रकार की जटिलाएं ना आएं। [ये भी पढ़ें: स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए नींबू पानी का सेवन क्यों लाभकारी है]

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