बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं में होने वाले शारीरिक बदलाव

changes that happen to a women body after giving birth

प्रेग्नेंसी के दौरान और इसके बाद भी महिला के शरीर में कई बदलाव होते हैं। बच्चे के जन्म के बाद कुछ हफ्तों तक आप उसे फीड कराने और सहज महसूस कराने में ही आपका समय निकल जाता है। इसी समय आप अपने शरीर में नए बदलाव देखती हैं। जब आपका शरीर रिकवर होने लगता है तब इस तरह के बदलाव आपके शरीर में आते हैं। इस समय में आपको घबराना नहीं चाहिए क्योंकि कुछ महीनों में आपका शरीर सामान्य हो जाता है। आइए आपको बताते हैं बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं के शरीर में क्या बदलाव आते हैं।

1-पोस्टपार्टम ब्लूज:पोस्टपार्टम ब्लूज को बेबी ब्लूज भी कहते हैं। यह 60-80 प्रतिशत महिलाओं को होता है। इसमें हल्का और कुछ समय तक डिप्रेशन होता है। इसके लक्षण मूड स्विंग होना, चिड़चिड़ापन महसूस करना, अनिद्रा, हताशा और बिना किसी वजह के रोना होता है। शरीर में हार्मोंन के लेवल में बदलाव के कारण मूड स्विंग होते हैं। डिलिवरी के बाद कुछ हफ्तों तक पोस्टपार्टम ब्लू के लक्षण महसूस करना सामान्य होता है। अगर यह लक्षण लंबे समय तक रहे तो यह पोस्टपार्टम डिप्रेशन भी हो सकता है। पोस्टपार्टम डिप्रेशन क्लिनिकल डिप्रेशन का एक प्रकार होता है जो महिलाओं को बच्चे के जन्म के कुछ महीनों बाद प्रभावित करता है। [ये भी पढ़ें:प्रेग्नेंसी के बाद पेट कम करने के लिए करें ये एक्सरसाइज]

2-प्रसव पीड़ा के बाद शरीर में दर्द बने रहना:लेबर के बाद थकावट और अत्यधिक दर्द होना प्राकृतिक होता है। इसके बाद पेट, पसलियों, कमर में दर्द हो सकता है। डिलिवरी के बाद गर्भाशय अपने सामान्य आकार में आने के लिए सिकुड़ता है। जिसकी वजह से अत्यधिक दर्द होता है। बच्चे के जन्म के बाद गर्भाशय सख्त हो जाता है और इसका वजन 1 किलो के आसपास हो जाता है लेकिन 6 हफ्तों के बाद इसका वजन 56 ग्राम रह जाता है। यह दर्द हल्का लेबर संकुचन की तरह लगता है और अक्सर स्तनपान के दौरान होता है। यह हार्मोन ऑक्सीटोसिन रिलीज होने का कारण होता है। यह दर्द तब और बढ़ जाता है अगर आप सिजेरियन के जरिये मां बनी हो से हुई हो।

3- कब्ज:
changes that happen to a women body after giving birthप्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव और पोस्टपार्टम पीरियड्स के कारण गैस्ट्रोइन्टेस्टनल सिस्टम धीमा हो जाता है। जिसके कारण कब्ज की परेशानी होती है। साथ ही प्रिस्क्राइब की गई दवाई के कारण पाचन तंत्र प्रभावित होता है। जिसके कारण कब्ज की परेशानी होती है।

4-स्तन में दर्द होना:डिलिवरी के बाद ब्रेस्ट नर्म होते हैं, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उस समय उनमें थोड़ा कोलोस्ट्रम होता है। जो एंटीबॉडी से भरा होता है और आपके बच्चे को संक्रमण से बचाने में मदद करता है। कुछ समय बाद स्तनों में दूध बनना शुरू होता है। जिस वजह से उनमें सूजन महसूस हो सकती है। इस स्टेज के दौरान निप्पल संवेदनशील हो जाते हैं और फीडिंग की वजह से आपको असहज सा महसूस होता है।

5-वजाइना में सूखापन:
बच्चे के जन्म के बाद कई महिलाओं को वजाइना में सूखापन महसूस होता है। यह परेशानी कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान भी महसूस होती है। वजाइना में सूखापन प्रेग्नेंसी के दौरान और उसके बाद शरीर में होने वाले हार्मोंस के कारण होता है। एक बार जब हार्मोंस संतुलित हो जाते हैं तो यह परेशानी अपने आप ठीक हो जाती है। [ये भी पढ़ें: लेबर पेन को कम करने के लिए अपनाएं ये तरीके]

6- बालों का झड़ना:
changes that happen to a women body after giving birthडिलिवरी के बाद आप महसूस करेंगी कि अत्यधिक मात्रा में आपके बाल झड़ना शुरु हो जाता है। मगर आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है यह सामान्य होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाओं के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन के कारण बालों के बड़े झड़ते हैं। जिससे बालों के फॉलिकल्स सामान्य से विकास चरण में ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। यह परेशानी 40 से 50 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करती है।

7- रात के समय पसीना आना:
लेबर के समय बहुत ज्यादा पसीना आता है लेकिन बच्चे के जन्म के कुछ हफ्तों के बाद भी कई महिलाओं को पसीना आता है। यह शरीर में एस्ट्रोजन के लेवल में अचानक से होने वाले बदलाव के कारण होता है। गर्भावस्था के दौरान बने अतिरिक्त द्रव को समाप्त करने के लिए आपके शरीर का यह एक सामान्य तरीका होता है। रात के दौरान ज्यादा पसीना आना सबसे आम होता है।

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