गर्भवती महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है प्रीनेटल विटामिन्स

Why Prenatal vitamins is necessary for pregnancy health

प्रीनेटल विटामिन को महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है, खासकर जो महिलाएं गर्भ धारण करना चाहती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि गर्भावनस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई प्रकार के बदलाव आते हैं जिसके लिए विटामिन का सेवन करना आवश्यक होता है। प्रीनेटल विटामिन बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के साथ-साथ मां के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। इसलिए गर्भावस्था से पहले आहार में प्रीनेटल विटामिन को जरूर शामिल किया जाना चाहिए। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान बादाम के सेवन से होने वाले फायदे]

फॉलिक एसिड: गर्भाशय में एक बच्चे की वृद्धि के लिए फॉलिक एसिड सबसे जरूरी है, क्योंकि यह शिशुओं में गंभीर जन्म के दोषों को रोकता है जैसे कि स्पिना बिफिडा। स्पिना बिफिडा एक न्यूरल ट्यूब दोष है जो कुछ मामलों में रीढ़ की हड्डी को फैलाने का कारण बनता है। यह रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है। ज्यादातर प्रीनेटल विटामिन में फॉलिक एसिड होते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि गर्भवती होने की कोशिश करने वाली महिलाओं को कम से कम 1000 मिलीग्राम फॉलिक एसिड लेना चाहिए। इसके अलावा प्रीनेटल विटामिन में सिंथेटिक फॉलिक एसिड होता है जो शरीर के नेचुरल फॉलेट को अवशोषित करने में मदद करता है।

कैल्शियम: गर्भावस्था से पहले प्रीनेटल विटामिन लेने के और भी अन्य लाभ होते हैं क्योंकि ये कैल्शियम का एक समृद्ध स्रोत होता है। हड्डियों और नसों के विकास के लिए कैल्शियम आवश्यक होता है और साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे की मांसपेशियों की वृद्धि के लिए भी जरूरी होता है। कैल्शियम की कमी बच्चे को विकलांग बना सकती है और वजन भी कम कर सकती है। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान विटामिन बी का सेवन क्यों है जरूरी]

पोटैशियम: प्रीनेटल विटामिन में पोटैशियम एक और महत्वपूर्ण तत्व होता है। गर्भधारण की कोशिश करने वाली महिलाओं के शरीर में पर्याप्त पोटैशियम होना आवश्यक होता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। पोटैशियम गर्भावस्था के दौरान मसल्स कॉन्टैक्शन और नर्व इम्पल्स को विनियमित करने में भी मदद करता है।

आयरन: भ्रूण के विकास में सहायता के लिए शरीर गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त रक्त पैदा करता है और यह नई लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। हालांकि, अगर गर्भवती महिला में उसके शरीर में पर्याप्त आयरन नहीं है तो यह बाधित हो जाता है। आयरन की कमी के कारण एनीमिया की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है जो गर्भावस्था के दौरान एक गंभीर परेशानी होती है। इसलिए, गर्भावस्था से पहले प्रीनेटल विटामिन लेना अच्छा होता है क्योंकि इसमें आयरन होता है जो शरीर की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है।

थाइमिन: थाइमिन शरीर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट को तोड़ने में मदद करता है, जो गर्भवती होने की कोशिश करने वाली महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। बच्चे के मस्तिष्क के विकास के लिए थाइमिन आवश्यक होता है। तो वैसे खाद्य पदार्थ का सेवन करना जरूरी होता है जिसमें थाइमिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान शहद खाने का क्या होते हैं फायदे]

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