गर्भावस्था के दौरान किस तरह के दूध का सेवन करना चाहिए

what-kind-of-milk-should-be-consumed-during-pregnancy-

गर्भावस्था के समय हार्मोन्स में बदलाव होता है जिससे महिलाओं की शारीरिक और मानसिक स्थिति में काफी परिवर्तन आते हैं। इस दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए महिलाओं को अपनी डाइट का खास ख्याल रखना होता है। दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत होता है जो कि मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। एक गर्भवती महिला को रोजाना 1000 से 1300 मिग्रा कैल्शियम के सेवन की आवश्यकता होती है। इसलिए महिलाएं गर्भावस्था के दौरान हाई-कैलोरी फूड के रुप में दूध का सेवन कर सकती हैं। आइए जानते हैं गर्भावस्था के दौरान आप किस-किस प्रकार के दूध का सेवन कर सकती हैं। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान कौन से शाकाहारी खाद्य पदार्थों का सेवन करें]

1.फुल क्रीम मिल्क- अगर आप गर्भावस्था के दौरान मोटापे का शिकार नहीं है तो आप यह दूध पी सकती हैं। इसमें 5 ग्राम सैचुरेटेड फैट होता है और एक कप में 149 कैलोरी होती है। फुल क्रीम दूध शरीर में हेल्दी फैट्स होते हैं और यह आपके शरीर में ऊर्जा की कमी नहीं होने देता। इसलिए इसका सेवन लाभकारी होता है।

2. बादाम दूध- बादाम दूध गाय के दूध का अच्छा विकल्प होता है। इसमें हेल्दी फैट्स, कैल्शियम और विटामिन ई भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं। ग्लूटन और लैक्टोस एलर्जी से पीड़ित महिलाएं भी इसका सेवन कर सकती है। इसमें कोलेस्ट्रोल नहीं होता और पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होने के साथ-साथ 7.5 मिग्रा कैल्शियम प्रति कप होता है। इसलिए बादाम दूध पीना फायदेमंद होता है। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान इमली का सेवन क्यों फायदेमंद होता है]

3. पॉश्चराइज्ड गाय का दूध- दूध चाहें फुल-फैट हो या लो-फैट पॉश्चराइज्ड मिल्क में बैक्टीरिया का विकास धीमा हो जाता है। क्योंकि इस प्रक्रिया में दूध को पहले उबाला जाता है और फिर ठंडा किया जाता है। गर्भावस्था के दौरान कच्चा दूध पीने की बजाय पॉश्चराइज्ड गाय का दूध पीना गर्भवती महिलाओं के लिए ज्यादा लाभकारी होता है।

4. सोया मिल्क- सोया मिल्क एक फ्लेवर्ड मिल्क का प्रकार होता है जो कि फाइबर और कैल्शियम से भरपूर होता है। इस दूध में गाय के दूध जितना ही प्रोटीन होता है इसलिए महिलाएं इसका सेवन कर सकती हैं। इसमें मौजूद फैट्स कार्डियोवस्कुलर बीमारियों से रक्षा करते हैं और एंटी-ऑक्सीडेंट्स हानिकारक बीमारियों से बचाते हैं इसलिए गर्भवती महिलाएं सोया मिल्क पी सकती हैं। [ये भी पढ़ें: गर्भवती महिलाओं को पालक का सेवन क्यों करना चाहिए]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "