भारतीय खाद्य पदार्थ जिनका सेवन गर्भावस्था के दौरान करना चाहिए

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प्रेग्नेंसी में सही देखभाल के लिए स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों का सेवन करना उपयोगी होता है। गर्भावस्था के दौरान अनेक बार ऐसा होता है कि गर्भवती महिलाओं को कुछ विशेष खाद्य पदार्थ खाने का मन नहीं होता है लेकिन फिर भी अगर वे शिशु के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं तो उनका सेवन करना चाहिए। भारतीय घरों में कुछ खाद्य पदार्थ गर्भवती महिलाओं को विशेषतौर पर खिलाए जाते हैं जिनका सेवन करने से महिलाएं और उनका शिशु स्वस्थ रहते हैं। आइए जानते हैं कुछ भारतीय खाद्य पदार्थों के बारे में जो गर्भवती महिलाओं को खाने चाहिए। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान कौन से शाकाहारी खाद्य पदार्थों का सेवन करें]

1.भीगे हुए बादाम- बादाम में प्रोटीन, विटामिन ई आदि पर्याप्त मात्रा में होते हैं जिनका सेवन करना लाभकारी होता है। इसलिए 6-7 बादाम रात को भिगोकर रख लें और सुबह उन्हें छीलकर खा लें। यह माता और शिशु दोनों के लिए लाभकारी होते हैं।

2. डेयरी प्रोडक्ट्स- गाय का दूध और उससे बनने वाले खाद्य पदार्थ जैसे पनीर, छाछ, दही आदि का सेवन बच्चे और माता दोनों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। दूध से बने ये खाद्य पदार्थ कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन B-12 से भरपूर होते हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान इन भारतीय खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

3.फल और सब्जियां- हरी सब्जियां और फल ग्लूटन फ्री होते हैं। हरी सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है जिससे गर्भावस्था के दौरान खून की कमी जैसी परेशानी नहीं होती है। साथ ही ये एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं इसलिए माता और शिशु के लिए इनका सेवन लाभकारी होता है। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान इमली का सेवन क्यों फायदेमंद होता है]

4.हेल्दी फैट्स- गर्भावस्था में बहुत अधिक ऊर्जा की कमी महसूस होती है इसलिए गर्भवती महिलाओं के लिए ‘घी’ का सेवन लाभकारी होता है। घी हेल्दी फैट्स की श्रेणी में होता है जिसका सेवन करने से गर्भवती महिलाओं के हेल्दी फैट्स के साथ-साथ ऊर्जा भी मिलती है।

5.छाछ- छाछ का सेवन गर्भावस्था में महिलाओं के लिए लाभकारी होता है। इसमें प्रोबायोटिक गुण होते हैं साथ ही पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम भी छाछ मे होता है इसलिए इसका सेवन करना गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी होता है। साथ ही यह गैस्ट्रिक संबंधी समस्याओं को खत्म करने में भी मदद करती है। [ये भी पढ़ें: गर्भवती महिलाओं को पालक का सेवन क्यों करना चाहिए]

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