प्रेग्नेंसी के दौरान अच्छे पोषण के लिए करें इन फलों का सेवन

how fruits is beneficial during pregnancy

प्रेग्नेंसी के समय अपने आहार में पोषक तत्व लेना बेहद जरूरी होता है जैसे- फल और सब्ज़ियां। अगर आप गर्भावस्था के दौरान जंक फूड का अधिक सेवन करती हैं तो वह घातक साबित हो सकता है। फलों में पोषक तत्व की मात्रा अत्यधिक होती है इसलिए जब आप अपने खाने में इनको शामिल करते हैं तो आपको विटामिन, मिनरल और फाइबर की प्रचुर मात्रा मिलती है। तो आइए जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को किन फलों का सेवन करना चाहिए। [ये भी पढ़ें : गर्भावस्था के दौरान पालिओ डायट के फायदे और नुकसान]

1.संतरा:
संतरा आपको हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। इसमें फोलेट की मात्रा बहुत अधिक होती है। संतरे में विटामिन-सी भी उचित मात्रा में होता है। विटामिन-सी एक एंटी-ऑक्सीडेंट है जो सेल के नुकसान को रोकने में मदद करता है। यह आपके शरीर से आयरन की मात्रा को भी कम करता है।

2.आम:
आम को भी विटामिन-सी का एक बड़ा स्रोत माना जाता है। इसके अलावा आम के अंदर विटामिन-ए की मात्रा भी होती है। विटामिन-ए की कमी के कारण हमारे शरीर की इम्यूनिटी कम हो जाती और इससे हमें कई बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है जैसे- डायरिया और रेस्पिरेट्री इंफेक्शन। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान आम आपके लिए फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इसमें विटामिन-ए की मात्रा बहुत अधिक होती है। [ये भी पढ़ें : गर्भवती महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है प्रीनेटल विटामिन्स]

3.एवोकाडो:
अन्य फलों की तुलना में एवोकाडो में फोलेट की मात्रा अधिक होती है। एवोकाडो को विटामिन सी, विटामिन बी, विटामिन के, फाइबर, मैग्नीशियम और पोटेशियम का स्त्रोत माना जाता है। इसमें मैग्नीशियम और पोटेशियम की भरपूर मात्रा होती है। पोटेशियम पैर की ऐंठन को दूर करने में आपकी मदद करता है। पैर में ऐंठन मैग्नीशियम और पोटेशियम की कमी के कारण होता है।

4.नींबू:
कुछ महिलाओं का कहना है कि नींबू पानी पीने से मिचली की समस्या दूर हो जाती है। नींबू में विटामिन-सी की मात्रा बहुत अधिक होती है जो पेट से जुड़ी परेशानी से निजात पाने में मदद करता है।

5.केला:
केला मैग्नीशियम का एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है। केले में विटामिन बी6, विटामिन सी और फाइबर भी होता है। आधे से ज़्यादा महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान पेट की समस्या रहती है। तो अगर आप केला का सेवन करती हैं तो आप इस परेशानी से निजात पाया जा सकता है। एक शोध के अनुसार विटामिन बी6 प्रारंभिक गर्भावस्था में मिचली और उल्टी को दूर करने में मदद कर सकता है।

6.जामुन:
जामुन में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन-सी, फाइबर और फोलेट अधिक मात्रा में पाई जाती है। कार्बोहाइड्रेट आपको ताकत प्रदान करता है और आपके प्लेसेंटा के जरिए आपके बच्चे को पोषण भी प्रदान करता है।

7.सेब:
सेब फाइबर का एक बड़ा स्त्रोत है और इसमें विटामिन ए, विटामिन सी और पोटेशियम की मात्रा भी अधिक होती है। गर्भावस्था के दौरान सेब खाने से आपके बच्चे को स्वास्थ्य लाभ भी मिल सकता है। जर्नल थोरैक्स में प्रकाशित एक शोध में पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान सेब खाने से बच्चे को अस्थमा और एलर्जी होने की संभावना नहीं होती है। [ये भी पढ़ें : प्रेग्नेंसी में यह सूपरफूड्स खाना हो सकता है फायदेमंद]

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