फोलेट युक्त खाद्य पदार्थ जो गर्भावस्था में लाभकारी होते है

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फोलेट एक विटामिन है जिसे विटामिन बी9 भी कहा जाता है। गर्भावस्था के दौरान फोलेट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक होता है साथ ही यह शिशु के लिए काफी उपयोगी होता है क्योंकि यह उनके दिमाग, स्पाइनल कॉर्ड और कोशिकाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फोलेट स्पाइना बिफिडा जैसी बीमारियों से रक्षा करने में मदद करता है। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कम से कम 400 माइक्रो ग्राम फोलेट का सेवन करना जरुरी होता है। आइए जानते हैं ऐसे कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में जिनमें पर्याप्त मात्रा में फोलेट होता है। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान कौन से शाकाहारी खाद्य पदार्थों का सेवन करें]

1.हरी पत्तेदार सब्जियां: हरी सब्जियों में फोलेट पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। पालक, केल, सरसों आदि में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए उपयोगी एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। इसलिए फोलेट की कमी पूरी करने के लिए हरी सब्जियों का गर्भावस्था के दौरान सेवन लाभकारी होता है।

2. ब्रोकली: ब्रोकली शरीर को डिटॉक्स करने के लिए सर्वाधिक उपयोगी माना जाता है। ब्रोकली में रोजाना की आवश्यकता का 26 प्रतिशत फोलेट होता है साथ ही इसमें पोटेशियम, कॉपर, जिंक जैसे पोषक तत्व भी होते हैं इसलिए गर्भावस्था के दौरान ब्रोकली खाना फायदेमंद होता है। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान इमली का सेवन क्यों फायदेमंद होता है]

3.राजमा: बीन्स की श्रेणी में आने वाले राजमा में भी फोलेट होता है। एक कप राजमा में 229 माइकोग्राम फोलेट होता है इसी के साथ काली बीन्स और ग्रीन बीन्स में भी फोलेट पाया जाता है। इसलिए गर्भावस्था में फोलेट की कमी पूरी करने के लिए बीन्स को अपने खाने में शामिल करें।

4. सीड्स: कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और अलसी के बीजों में भी फोलेट पाया जाता है। एक कप सीड्स में 300 माइक्रोग्राम फोलेट होता है इसलिए सीड्स का सेवन गर्भावस्था में फोलेट की कमी को पूरा करने के लिए सीड्स का सेवन जरुर करें।

5.चुकंदर: चुकंदर में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं साथ ही इसमें फोलेट भी पर्याप्त मात्रा में होता है। साथ ही चुकंदर यह सबसे अच्छा लिवर डिटॉक्स भी होता है एक कप बीट में 148 माइक्रोग्राम फोलेट होता है इसलिए गर्भावस्था में चुकंदर को भोजन में जरुर शामिल करें। [ये भी पढ़ें: गर्भवती महिलाओं को पालक का सेवन क्यों करना चाहिए]

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