शिशु के लिए किस उम्र में सही है आइस क्रीम का सेवन

what is the right time to eat ice cream for your baby

बच्चों को अधिकतर वो खाद्य पदार्थ अधिक स्वादिष्ट लगते हैं जिन्हें उनसे दूर रखा जाता है। उन्हें जिस चीज को खाने के लिए मना किया जाता है, उन्हें वही खानी होती है। आइसक्रीम उन्ही चीजों में से एक है। बच्चों के लिए आइसक्रीम एक पसंदीदा फूड है। जब बच्चा माता-पिता से आइसक्रीम खाने की जिद करता है तो अक्सर माता-पिता को बच्चे की ज़िद के सामने झुकना पड़ता है। लेकिन क्या आप अपने छोटे शिशु को भी आइसक्रीम का सेवन करा रही हैं। अगर हां, तो आप गलती कर रहे हैं। आपको जानना जरुरी है कि आप कितनी उम्र में अपने शिशु को आइसक्रीम का सेवन करने दे सकती हैं। आइए जानते हैं शिशु के लिए किस उम्र में सही है आइस क्रीम का सेवन। [ये भी पढ़ें: बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए हाइजीन टिप्स]

आइस क्रीम का सेवन कब है उचित: अपने शिशु को आप आइसक्रीम के सेवन कराने के बारे में सोच रहे हैं तो शिशु को 12 महीने की उम्र के बाद ही आइसक्रीम खाने के लिए दें क्योंकि आइस क्रीम एक डेयरी उत्पाद है। हालांकि यह होल दूध और क्रीम से बनती है। इसे बनाने वक्त बैक्टीरिया को निकालने के लिए पैस्चराइज़्ड किया जात है। लेकिन फिर भी बच्चे मिल्क प्रोटीन या अन्य किसी सामग्री के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं इसलिए उन्हें एक साल की उम्र से पहले आइसक्रीम का सेवन कराना उचित नहीं होगा। शिशु एक साल की उम्र में ही अन्य डेयरी प्रोडक्ट जैसे पनीर, दूध, मक्खन, आदि का सेवन करना शुरु करता है, तो आप इन्ही के साथ आइसक्रीम भी शामिल कर सकती हैं। हालांकि डॉक्टर्स का मानना है कि बच्चों के लिए आइसक्रीम वगैरह का सेवन ना ही कराएं तो बेहतर है क्योंकि इनमें पोषक तत्वों की गुणवत्ता बेकार होती है।

एक साल की उम्र से पहले शिशु को क्यों ना दें आइसक्रीम: 

प्रीजरवेटिव(Preservatives): बाजार मे उपलब्ध हर आइसक्रीम में प्रीजरवेटिव्स, फैट, आर्टिफिशियल शुगर, और फूड कलर्स होते हैं। इसलिए शिशु को छोटी उम्र में इन सभी तत्वों से दूर रखना बेहतर है। [ये भी पढ़ें: नवजात शिशु का वजन कैसे बढ़ता है]

होल मिल्क: आइसक्रीम होल मिल्क और क्रीम से बनती है। एक साल से पहले अपने शिशु को होल मिल्क और क्रीम का सेवन ना कराना ही बेहतर होगा। क्योंकि शिशु इससे संवेदनशील हो सकता है।

बैक्टीरिया बनने की सभावनाएं: आइसक्रीम में बैक्टीरिया बनने की संभावनाएं हो सकती हैं। चाहे आप इसे बाजार से खरीदें या ख़ुद बनाएं। इन बैक्टीरिया के संपर्क में आने से शिशु को इंफेक्शन हो सकता है क्योंकि शिशु का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। [ये भी पढ़ें: पानी में बच्चे की सुरक्षा के लिए माता-पिता रखें कुछ बातों का ध्यान]

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