बच्चों में सांस लेने की परेशानी के पीछे हो सकते है ये कारण

what are the reason behind wheezing

जब आपके बच्चे को सांस लेने में परेशानी होती है तो उनके सांस लेने वाली नली में किशोरों की तुलना में जल्दी बलगम एकत्रित हो जाती है। यह सांस लेने में परेशानी के कारण होता है इसे नोइसी ब्रीदिंग भी कहते हैं। सांस लेने में परेशानी के बारे में सांस छोड़ते समय आवाज से पता चल जाता है। हमेशा ध्यान रखिए सांस लेने में परेशानी होना एक लक्षण है। तो आइए आपको बताते हैं कि आपके बच्चे में सांस लेने में परेशानी किन बीमारियों के कारण हो सकती है। [ये भी पढ़ें: शुरुआती 30 दिनों में ऐसे करें नवजात शिशु की देखभाल]

1-ब्रोन्कियोलाइटिस:
what are the reason behind wheezingयह बीमारी वायरल इंफेक्शन के कारण होती है। इस रोग में सांस लेने वाली छोटी नली जिसे ब्रॉन्किओल नाम से जाना जाता है में सूजन आ जाती है। जिसके कारण बच्चे को सांस लेने में परेशानी होती है। अगर इस बीमारी का इलाज ना किया जाए तो यह काफी खतरनाक हो सकती है।

लक्षण:

  • सांस लेने में परेशानी होना
  • तेज-तेज सांस लेना
  • सर्दी-जुकाम होना

इलाज: अगर आपका बच्चा ठीक से खा रहा हो और आराम से सो भी रहा हो तो इसे दवाई से ठीक किया जा सकता है। लेकिन कुछ गंभीर केस में बच्चे को हॉस्पिटल में भर्ती करवाना पड़ता है और ऑक्सीजन दी जाती है। इसके लिए डॉक्टर इनहेलर की भी सलाह देते हैं।

2-जुकाम: बच्चों में ज्यादातर सांस की समस्या जुकाम की वजह से होती है। 2 साल तक के ज्यादातर बच्चों को श्वसन वायरल संक्रमण होता है।

लक्षण:

  • नाक बहना
  • सांस लेने में परेशानी होना
  • खांसी होना

इलाज:  जुकाम के दौरान किसी भी तरह की दवाई से बचना चाहिए। हालांकि इसके लक्षण 2 हफ्तों के अंदर कम हो जाते हैं। अगर आपके नवजात शिशु को छींक आए या खांसी हो तो इपने बच्चे को उसके डॉक्टर को दिखाएं। 3 महीने से छोटे बच्चे को जुकाम के कारण बहुत जल्दी निमोनिया हो जाता है।

3- अस्थमा: बच्चों में अस्थमा के बारे में पता करना थोड़ा मुश्किल होता है। अस्थमा एक फेफड़ों की बीमारी है जिसमें सांस लेने वाली नली में सूजन आ जाती है और वह टाइट हो जाती है साथ ही अधिक मात्रा में बलगम बनने लगता है।

लक्षण: सांस लेते समय घरघराहट की आवाज होना।

सांस लेने में परेशानी दूर करने के उपाय:

  • अपने बच्चे को सिगरेट के धुएं से दूर रखें।
  • धूल के इकट्ठा होने से रोकने के लिए वैक्यूम करें।
  • धुल के कण से बचने के लिए अक्सर बिस्तर को गर्म पानी से धोएं।
  • एसी के फिल्टर समय से बदलते रहें।
  • अगर आपका बच्चा कुत्ते या बिल्ली के साथ खेल रहा है तो इसका रिएक्शन देखें। अगर वह खांसता है या उसे सांस लेने में परेशानी होती है तो उसे एलर्जी हो सकती है।[ये भी पढ़ें: इन सरल उपायों से करें नवजात शिशु के गैस की समस्या को दूर]
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