शिशु के बालों की देखभाल कैसे करें

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Ways to take care of your baby’s hair

नवजात शिशु बहुत संवेदनशील होते हैं और उन्हें अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। नवजात शिशुओं की देखभाल करना बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वे संक्रमण और अन्य बीमारियों से जल्दी ग्रस्त हो सकते हैं। शिशुओं की देखभाल करते समय किसी भी प्रकार की लापरवाही उन्हें परेशान कर सकती है। यद्यपि हर माता-पिता अपने बच्चों की देखभाल करते समय अतिरिक्त प्रयास करते हैं लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि वो अपने बच्चों की देखभाल कैसे करें। बच्चों की देखभाल करने के कुछ गाइडलाइन्स होते हैं जो हर माता-पिता को ध्यान में रखनी चाहिए। शिशुओं के बालों को देखभाल करने की खास जरूरत होती है क्योंकि वह बहुत कोमल और नाजुक होते हैं। अगर आप अपने शिशु के बालों की देखभाल करते हैं तो उन्हें बालों से जुड़ी कोई समस्या नहीं होगी। आइए जानते हैं बच्चे के बालों की देखभाल कैसे की जा सकती है।  [ये भी पढ़ें: बच्चों को चॉकलेट खिलाना कब उचित होता है]

शैंपू:
सप्ताह में दो बार अपने शिशु के बालों को शैंपू करना चाहिए, चाहे उन्हें ज्यादा बाल हो या कम। लगातार शैम्पू करना सिर की त्वचा को रूखी बनाता है। लेकिन शैंपू बच्चे के बालों को सूरज की किरणों से भी बचाता है।

रूसी का इलाज करता है:
यदि आपके शिशु को रूसी या फ्लेक्स की समस्या है तो बच्चे के बालों को धोने से पहले जैतून के तेल से मसाज करें। जैतून के तेल से मसाज करने से रूसी और फ्लेक्स की समस्या दूर हो जाती है।  [ये भी पढ़ें: शिशु के बोतल के लिए हाइजीन टिप्स]

बेबी शैम्पू का उपयोग करें:
बच्चे के बालों को धोने के लिए हमेशा बेबी शैम्पू का उपयोग करें। बेबी शैम्पू में कोई भी केमिकल नहीं होता है। इसके अलावा, अपने शिशु के बालों को साफ करने के लिए टियर-फ्री शैंपू का ही इस्तेमाल करें ताकि बच्चे को किसी प्रकार की असहजता ना हो।

चौड़े दांतेदार कंघी का प्रयोग करें:
अपने शिशु के बालों के लिए चौड़े दांतेदार कंघी का इस्तेंमाल ही करें क्योंकि अगर पतली कंघी से बालों को कंघी करेंगे तो इससे आपके शिशु के बाल फंसेंगे और उन्हें दर्द महसूस होगा। अपने शिशु की कंघी को अलग रखें।

पतले और बड़ें बाल:
यदि आपके बच्चे के पतले और बड़ें बाल हैं तो उन्हें बालों को धीरे-धीरे कंघी करें और हर कुछ समय में ट्रीम करें वरना वो आपके शिशु के आंखों पर आएंगें और उन्हें असहजता महसूस होगी। [ये भी पढ़ें: बच्चों को सोते वक्त कहानियां सुनाने के क्या लाभ होते हैं]

 

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