नवजात शिशुओं में होने वाले कान के इंफेक्शन के प्रकार और इसके लक्षण

sign and symptoms of ear infection in newborn baby

बच्चों के कान में इंफेक्शन होना बहुत ही आम है। इस तरह के इन्फेक्शन के कारण बच्चे का कान बहना, सुनने में परेशानी जैसी समस्या होती हैं। कान में इंफेक्शन भी कई तरह के होते हैं। जिसमें बच्चे के कान में अंदर और बाहर इंफेक्शन होता है। अगर आपके बच्चे के कान में दर्द, सूजन या कान का लाल होना जैसी समस्या नजर आ रही है तो यह कान में इंफेक्शन होने के संकेत हो सकते हैं। तो आइए आपको बच्चे के कान में होने वाले इंफेक्शन के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: बच्चे के अधिक रोने के पीछे हो सकते हैं ये कारण]

बच्चों के कान में इंफेक्शन 3 प्रकार के होते हैं:
कान के मध्म हिस्से में संक्रमण:यह बच्चों को होने वाला सबसे आम इंफेक्शन है। यह तब होता है जब सर्दी-जुकाम जैसी बीमारी से कान के मध्म हिस्से में बलगम एकत्रित हो जाती है। जिसका परिणाम यह होता है कान के मध्य भाग और नाक से जुड़ी ट्यूब ब्लॉक हो जाती है। जिसके कारण कान का मध्य भाग संक्रमित हो जाता है। कभी-कभी कान और नाक को जोड़ने वाली ट्यूब ब्लॉक हो जाती है जब गले के पीछे के ऊतक बड़े हो जाते हैं।

कान के मध्य हिस्से में होने वाले संक्रमण के लक्षण:
1- कान में दर्द होना:जब आपके कान में इंफेक्शन होता है तो द्रव आपके कान के बीच में एकत्र हो जाता है जिसके कारण दर्द होता है। यह दर्द जलन जैसा होता है। अगर आपका बच्चा बोल नहीं पाता है तो कान में दर्द के संकेत बहुत ज्यादा रोना, कम खाना और चिड़चिड़ा होना होता है। [ये भी पढ़ें: बच्चों में होने वाले कब्ज के कारण उससे राहत दिलाने के उपाय]

2-कान का बहना:कुछ केस में बच्चों का कान बहने लगता है। इसमें बच्चे के कान के पर्दे में छेद हो जाता है जिसके कारण बच्चे का कान बहने लगता है। जिससे कान में बहुत दर्द होता है।

3- बुखार:इस इंफेक्शन के कारण बच्चे को बुखार आ जाता है। अगर आपके बच्चे का पेट, सिर छूने पर गर्म महसूस हो तो एक बार उसका तापमान जरुर माप लें।

4- सुनने में दिक्कत होना:कान के मध्य में बलगम एकत्र हो जाने से ध्वनि को जाने में दिक्कत होती है। जिसके कारण बच्चे को सुनने में परेशानी हो सकती है।

कान के बाहरी हिस्से में संक्रमण:कान के बाहरी हिस्से में संक्रमण होने का कारण एलर्जी, बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन हो सकते हैं। यह ज्यादातर तब होता है जब बच्चा कान में बार-बार पानी डालता है या कान की त्वचा में चोट लगी हो। इससे कान में रोगाणु उत्पन्न होने लगते हैं।

कान के बाहरी हिस्से में होने वाले इंफेक्शन के लक्षण:इस तरह के इन्फेक्शन में भी बच्चे के कान में दर्द होता है। इसके अलावा कुछ और लक्षण नीचे दिये गए हैं।

1- खुजली होना:कान की नलिका या उसके आस-पास के क्षेत्र में खुजली हो सकती है। अगर आपका बच्चा खुजली करता है तो इसका मतलब उसे जलन हो रही है।

2- सूजन और लाल होना:कान नलिका या उसके आस-पास का क्षेत्र सूज जाता है और लाल हो जाता है।

3-ग्रथिंयों में घाव और सूजन:आपके बच्चे के गले की ग्रन्थियों में सूजन और घाव हो जाते हैं। यह लक्षण भी कान के बाहरी हिस्से में इन्फेक्शन की ओर इशारा करते हैं।

कान के आंतरिक हिस्से में संक्रमण:आमतौर पर फ्लू और सर्दी-जुकाम जैसे वायरल इंफेक्शन नाक के माध्यम से नाक, मुंह और आंतरिक कान में इंफेक्शन हो जाता है। इस तरह के कई वायरल से कान के मध्य हिस्से में इंफेक्शन हो जाता है जिसके बाद यह कान के आंतरिक हिस्से में फैल जाता है।

कान के आंतरिक हिस्से में होने वाले संक्रमण के लक्षण:
1-चक्कर आना:कान के इस इंफेक्शन के कारण आपके बच्चे को चक्कर आ सकते हैं। उसको ऐसा लगेगा की कमरा घूम रहा है। साथ ही अपना संतुलन खोकर गिर भी सकता है।

2-देखने में परेशानी होना:इस तरह के इन्फेक्शन की वजह से आपके बच्चे को देखने में परेशानी हो सकती है। कई बार बच्चे को फोकस करने में बहुत दिक्कत होती है। [ये भी पढ़ें: अगर शिशु है घमौरी से परेशान तो ये उपाय आएंगे आपके काम]

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