Bottle Feeding Problems: आपका शिशु बोतल से दूध क्यों नहीं पी रहा है

Read in English
when my baby refuses the bottle

Baby Refusing Bottle Feedings: शिशु बोतल से दूध क्यों नहीं पी रहा है

Bottle Feeding Problems: ज्यादातर डॉक्टरों का कहना है कि शिशु को पहले छह महीने में ब्रेस्टफीड ही करना चाहिए क्योंकि यह शिशु के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। मां के दूध में पोषक होता है जो बच्चे के विकास के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन इसके बावजूद कई शिशु ऐसे भी होते हैं जिन्हें मां के दूध के साथ बोतल का दूध भी दिया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि बच्चे को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी ना हो और ऐसा करने से मां को भी थोड़े समय का आराम मिलता है। जैसे शिशु को स्तनपान के दौरान कठिनाई होती है वैसे ही बोतल से पीने में भी होती है। कई शिशु ऐसे होते हैं जिन्हें बोतल का आकार, प्लास्टिक निप्पल और स्वाद पसंद नहीं आता है और इस वजह से वो बोतल का दूध नहीं पीना चाहते हैं, लेकिन इसके अलावा और भी कई कारण होते हैं जिसकी वजह से शिशु बोतल का दूध नहीं पानी चाहता है। [ये भी पढ़ें: Baby’s upset stomach: बच्चे के पेट की समस्या दूर करने के लिए टिप्स]

Baby Refusing Bottle Feedings: शिशु बोतल से दूध क्यों नहीं पीना चाहता है

  • बोतल से दूध पीने की आदत ना होना
  • गलत अवस्था होना
  • फॉर्मूला मिल्क का स्वाद खराब लगना
  • ठंडा दूध होना
  • शिशु का बीमार होना

बोतल से दूध पीने की आदत ना होना:

Baby refuses to feed the bottle:
Bottle Feeding Problems: बोतल से दूध पीने में परेशानी होना

बोतल के निप्पल का आकार ब्रेस्ट से बिल्कुल अगल होता है और इस बात को शिशु महसूस कर सकता है। ऐसे में शिशु को प्लास्टिक बोतल की आदत नहीं होती है और वो बोतल से दूध नहीं पीना चाहता है। इसलिए अगर आपका शिशु बोतल से दूध नहीं पीना चाह रहा है तो कुछ समय बात पिलाएं।

गलत अवस्था होना:
कई बार बोतल के दूध पिलाते वक्त बोतल की पोजिशन गलत होती है जिसके कारण शिशु को दूध पीने में कठिनाई होती है और इस वजह से वो बोतल छोड़ देता है। बोतल को पकड़ने का सही डायरेक्शन 45 डिग्री होना चाहिए।

फॉर्मूला मिल्क का स्वाद खराब लगना:
यदि आपका शिशु शुरू से फॉर्मूला दूध का ही सेवन करा है तो उसे परेशानी नहीं महसूस होगी लेकिन यदि उसे बेस्टफीडिंग की आदत है तो शुरूआत में उसे बोतल के दूध का सेवन करने में असहजता महसूस होगी और वो दूध नहीं पीना चाहेगा।

ठंडा दूध होना:
शिशु ज्यादातर गुनागुना दूध पीना चाहता है तो यदि दूध ठंडा होगा तो आपका शिशु दूध नहीं पीना चाहेगा। तो हमेशा शिशु को दूध देने से पहले उसका तापमान देख लें। ध्यान रहे कि दूध को माइक्रोवेव में गर्म ना करें क्योंकि वह दूध के सारे पोषण को नष्ट कर देता है।

शिशु का बीमार होना:
जब आपका शिशु बीमार होता है या उसे किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होती है तो वो दूध नहीं पीना चाहता है। ऐसे में यदि आपका शिशु दूध पीते वक्त बोतल फेंक रहा हो तो आपको समझ जाना चाहिए कि वो बीमार है। [ये भी पढ़ें: Newborn baby care: नवजात शिशु को कैसे नहलाएं]

शिशु कई बार बोतल से दूध नहीं पीना चाहते हैं और इसके पीछे कई कारण होते हैं। आपको उन कारणों से जरूर अवगत होना चाहिए।

 

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "