जुड़वा बच्चों की देखभाल कैसे करें

Read in English
how to take care of twins

हम सभी जानते हैं कि नवजात शिशु की देखभाल करना बड़ा कठिन काम है। उसके खाने, पीने, सोने और रोने का ख्याल रखने के लिए हर वक्त कोई ना कोई उसके पास होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के लिए ये काम मुश्किल होता है लेकिन अगर आप मां हैं तो आप इस काम को अच्छे से मैनेज कर लेती हैं। जब बात जुड़वा बच्चों की हो तो ये जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे में आपका काम भी दोगुना हो जाता है। अगर आप पहली बार मां बन रही हैं तो आपके लिए जुड़वा बच्चों की एक साथ देखभाल करने के लिए अधिक प्रयास लगाने होंगे। ऐसे मों आपसे कोई चूक ना हो तो ये टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं। [ये भी पढ़ें: बच्चे के आंख मलने के पीछे क्या कारण होते हैं]

जुड़वा बच्चों की देखभाल के लिए टिप्स: एक साथ दो नवजात शिशुओं की की देखभाल करने से आप थक सकती है। खासकर जब आप बिना किसी मदद के ये कर रही हैं। जुड़वा बच्चे की देखभाल करने के लिए हम आपको कुछ आसान टिप्स दे रहे हैं जो आपकी मदद करेंगे-

एक रुटीन बना लें: दो नवजात शिशुओं को एक ही समय में मैनेज करने के लिए सबसे बेहतर तरीका है कि आप उनके लिए एक रुटीन बना लें। अगर आप बिना रुके लगातार बच्चों के काम में लगे रहेंगे तो इससे आप तनाव में आ सकती हैं और थकने के बाद आप ठीक से बच्चों का देखभाल कर भी नहीं पाएंगी। रुटीन बना लेने से आप दोनों बच्चों के साथ-साथ अपने लिए भी समय निकाल पाएंगी। [ये भी पढ़ें: नवजात शिशु से जुड़ी कुछ जानने योग्य बातें]

बच्चों को नहलाते वक्त: शुरुआत में बेहतर होगा कि आप बच्चों को नहलाते वक्त अपने पार्टनर की मदद लें। बच्चों को नहलाते वक्त हैंड शॉवर का इस्तेमाल करें। उन्हें नहलाने से पहले ही उनकी ऑफ्टर बाथ शभी चीजें पहले ही ऑर्गेनाइज कर लें ताकि आपको उन्हें नहाने के बाद चीजों को ढ़ूढ़ना ना पड़ें।

स्तनपान कराते वक्त: अगर आप दोनों शिशुओं के लिए स्तनों में दूध के उत्पादन को लेकर चिंतित हैं तो चिंता छोड़ दें। जब आप जुड़वा शिशुओं को जन्म देती हैं तो स्तनों में दूध का उत्पादन उसके अनुसार ही होता है। अगर स्तन से दूध की पूर्ति नहीं हो रही है तो आप उन्हें टॉप-अप फीड दे सकती हैं। जुड़वा बच्चों को स्तनपान कराते वक्त कौन सी पॉजिशन बेहतर होती हैं, ये जानने के लिए आप कुछ किताबों की मदद ले सकती हैं।

सुलाते वक्त: जु़ड़वा बच्चों के सोने का एक समय निर्धारित कर लें जिससे आप सही समय पर उन्हें सुला सकें। अगर आपका एक शिशु रो रहा है और दूसरा शांत है तो पहले शांत शिशु को सुला दें और फिर दूसरे शिशु को समय देकर उसे शांत करें। [ये भी पढ़ें: नवजात शिशु के साबुन में पीएच संतुलित होना क्यों है जरुरी]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "