शिशु को हिचकी से राहत दिलाने के सरल उपाय

how to relieve baby's hiccup

हिचकी की समस्या बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी होती है और इसके कारण असहजता महसूस होती है। डायाफ्राम के बार-बार सिकुड़ने की वजह से हिचकियां आती हैं। यह शिशुओं में एक सामान्य बात होती है और आमतौर यह कोई बड़ी परेशानी की बात नहीं है। ब्रेस्टफिडिंग कराते वक्त शिशु के मुंह में अधिक दूध के चले जाने की वजह से भी हिचकी की समस्या हो जाती है। ब्रेस्टफीडिंग कराते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखकर इस समस्या से राहत दिलाई जा सकती है। हिचकी की वजह से कभी-कभी बच्चे को सांस लेने में भी समस्या आ जाती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके इस समस्या का इलाज कर लें। आइए शिशु को हिचकी से राहत दिलाने के सरल उपायों के बारे में जानते हैं। [ये भी पढ़ें: जानिए बच्चे के पहली बार रोने के पीछे कौन सी खास बातें होती हैं]how to relieve baby's hiccup

  • जब आप अपने शिशु को ब्रेस्टफीडिंग या बोतल से दूध पिलाते हैं और उस दौरान अगर आपके बच्चे को हिचकी आ रही है तो आप थोड़ी देर रूक जाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे बच्चा दूध को अच्छी तरह से पचा सकेगा और अगर दूध पिलाने के 10 मिनट के बाद बच्चे को हिचकी आती है तो फिर से उसे फीड कराएं। जब आपके बच्चे को हिचकी आए तो उसके पीठ पर थपकी दें, इससे उसे राहत मिलेगी।
  •  ब्रेस्टफीडिंग कराते हुए बच्चे के शरीर का ऊपरी हिस्सा थोड़ा उठाकर रखें और फीडिंग कराने के बाद भी थोड़ी देर तक वैसे ही रखें। इससे आपके बच्चे को हिचकी की समस्या नहीं होगी और अगर किसी कारण से हुई तो उससे जल्द ही राहत मिल जाएगी। बच्चे को सीधा रखने से बच्चे के डायाफ्राम पर दबाव नहीं पड़ता है और हिचकी की समस्या भी दूर हो जाती है। [ये भी पढ़ें: नवजात शिशुओं के नाखूनों की देखभाल कैसे करें]
  • दूध पिलाने के बाद बच्चे को डकार दिलाना ना भूलें, इससे उसके पेट में बनने वाले गैस खत्म हो जाएगा और हिचकी भी नहीं आएगी। दूध पिलाते वक्त अपने बच्चे का सिर कंधे से थोड़ा ऊपर होना चाहिए।
  • दूध पिलाते वक्त या कुछ खिलाते वक्त बच्चे की आवाज जरूर सुनें। खाते वक्त अगर बच्चे के मुंह से गल्पिंग साउंड(निगलने की आवाज) निकल रही है तो इसका मतलब है कि आपका बच्चा जल्दी-जल्दी खा रहा है और इस वजह से हवा अंदर जा सकती है। यह हिचकी आने का एक बड़ा कारण होता है। इसलिए बच्चे को धीरे-धीरे खिलाना चाहिए। इससे हिचकी नहीं आएगी। [ये भी पढ़ें: महिलाएं किन अलग तरीकों से शिशु को पिला सकती हैं दूध]
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