नवजात शिशु की दूध गिराने की समस्या को कैसे दूर करें

How to reduce the spitting up problem in your baby

Photo Credit: top-10-store.com

अक्सर बच्चे ब्रेस्ट मिल्क या नॉर्मल मिल्क पीने के बाद उसे गिरा देते हैं और यह समस्या बच्चों में आम होती है। शिशुओं में वाल्व पूरी तरह से विकसित नहीं होता है और इसके कारण भोजन फीडिंग ट्यूब से वापस आ जाता है(इस स्थिति को इंफेन्ट रिफ्लक्स या गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स कहा जाता है)। इसी कारण बच्चा दूध गिराता है। बच्चे का पेट बहुत छोटा होता है और दूध अधिक पी लेने के कारण दूध बाहर आ जाता है। दांत निकलना शुरू होना, सॉलिड फूड खा लेना या क्रॉल करना शुरू करते हैं तो भी यह समस्या देखने को मिलती है। आइए जानते हैं नवजात शिशु की दूध गिराने की समस्या को कैसे दूर की जा सकती है। [ये भी पढ़ें: महिलाएं किन अलग तरीकों से शिशु को पिला सकती हैं दूध]

कंधे से लगाकर लें:
How to reduce the spitting up problem in your babyअपने बच्चे को दूध पिलाने के दौरान उसे सही तरीके से पकड़ कर रखें और भोजन के बाद भी 15 से 30 मिनट के लिए उसी स्थिति में बच्चे को रखें। यह खाने को डाइजेस्टिव सिस्टम के माध्यम पास करने में मदद करता है। ध्यान रहे कि दूध पिलाने के तुरंत बाद बच्चे को खेलने ना दें, इससे दूध को गिराने की संभावना बढ़ जाती है।

लेटा कर दूध ना पिलाएं: जब आपका बच्चा लेटा हुआ हो तो उसे दूध ना पिलाएं। इससे आपके बच्चे को असहज महसूस होगी और दूध गिराने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए कोशिश करें की बैठे हुए ही बच्चे को दूध पिलाएं। [ये भी पढ़ें: शुरुआती दिनों में शिशु के स्वास्थ्य के लिए बेहतर हैं ये आहार]

निप्पल का छेद:

How to reduce the spitting up problem in your baby
Photo Credit: lactationcare.com

यदि आप अपने बच्चे को बोतल से दूध पिला रहें हैं तो ध्यान रखें कि बोतल के निप्पल छेद बहुत छोटा नहीं हो क्योंकि इससे आपके बच्चे के पेट में दूध कम और हवा ज्यादा जाएगा, जिससे वह दूध गिरा सकता है। इससे अलावा बोतल का छेद बहुत बड़ा भी नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे दूध ज्यादा मात्रा में बच्चे के मुंह में जाएगा, जो उन्हें दूर गिराने पर मजबूर कर देगा।

डकार दिलाएं: भोजन के दौरान और उसके बाद अपने बच्चे को डकार जरूर दिलवाएं, क्योंकि यह पेट में हवा के निर्माण को रोकने में मदद करता है। बच्चे को दूध पिलाने के बीच-बीच में थोड़ा आराम लेना स्वाभाविक है ताकि बच्चे को दूध पचाने का थोड़ा समय मिल जाए। [ये भी पढ़ें: बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए ध्यान में रखें ये बातें]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "