अगर डर है बच्चे के बीमार होने का तो रखें इन बातों का ध्यान

how to prevent your baby from these diseases

जन्म के समय शिशु का शरीर बहुत कमजोर होता है इसकी वजह से उन्हें बहुत सी बीमारियां होने का खतरा भी रहता है। इसीलिए नवजात शिशुओं को देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। शिशु का इम्यून सिस्टम पूरी तरह से विकसित नहीं होता है, इसलिए वयस्कों के मुकाबले शिशु को बीमारियां बहुत जल्दी घेर लेती हैं। शिशु को कई बार ऐसी बीमारियां भी हो जाती हैं जिनके बारें में आसानी से पता नहीं लग पाता है। इसलिए शिशु में होनें वाली बीमारियों और उसके लक्षणों की पूरी जानकारी होना बहुत जरुरी है। [ये भी पढ़ें: बच्चे को घुटने के बल चलना सिखाने के लिए आजमाएं ये टिप्स]

1.कोलिक:
how to prevent your baby from these diseases
यह बच्चों में पायी जाने वाली सामान्य सी बीमारी है, इसमें बच्चे बिना किसी कारण के रोने लगते है। बच्चे का रोना बहुत ही देर तक रहता है और कम से कम 2-3 घंटे तक रोता ही रहता है। यह बीमारी किसी भी समय हो सकती है। इस बीमारी की होने की संभावना दो से चार हफ़्ते के बच्चों में ज्यादातर होती है।

कोलिक के लक्षण: इसमें बच्चा लगातार 3 से 4 घंटे तक रोता रहता है और बड़ी मुश्किल से चुप होता है। शिशु की नींद में कमी आ जाती है। बच्चा कई बार कुछ सेकेण्ड के लिए शॉक में चला जाता है।

कोलिक का कारण:

  • सही समय पर खाना नही लेने से कारण बच्चों में कोलिक होने का खतरा बना रहता है।
  • कई बार बच्चों को उनकी क्षमता से अधिक मात्रा में दूध और अन्य चीजें खाने के लिए जाती है जिसको बच्चा ठीक से नहीं पचा पाता है।
  • इस कारण से भी बच्चों में कोलिक की संभावना बढ़ जाती है।
  • इसके आलावा हर्निया के कारण भी बच्चों में कोलिक होने की सम्भवना होती है। अगर आपको बच्चे में
    ये लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

2.कब्ज: कब्ज होना एक मामूली सी बीमारी है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, मगर छोटे बच्चों में कब्ज की संभावना ज्यादा होती है। बच्चों के लिए कब्ज एक गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। क्योंकि बच्चों का रोजाना शौच करना बहुत जरुरी होता है। इससे उनका पेट साफ रहता है और जब पेट साफ होता है तब बच्चा भी खुश रहता है। [ये भी पढ़ें : शिशु जन्म के बाद 48 घंटों तक रखें इन बातों का ख्याल]
बच्चों में कब्ज के लक्षण: 

  • ज्यादा बार पानी जैसे शौच का होना।
  • शौच के समय बहुत दर्द और जोर लगना, बहुत ज्यादा पेट दर्द होना।
  • बार-बार उल्टियां होना। वजन एकदम से कम हो जाना

बच्चों में कब्ज के कारण:

  • तरल खाने की कमी के कारण।
  • फाइबर वाले खाने की कमी के कारण भी बच्चों को कब्ज होने की संभावना होती है।

3.गाय के दूध से होने वाली एलर्जी:
how to prevent your baby from these diseases
गाय के दूध से होने वाली एलर्जी के पीछे का कारण है बच्चे के इम्यून सिस्टम में बाहर से आने वाले पोषक तत्वों से होने वाला रिएक्शन है। यह बीमारी एक महीने के बच्चों में ज्यादातर पायी जाती है।

एलर्जी के लक्षण:

  • कोलिक, दस्त, उल्टी आना।
  • सर्दी-खासी, नाक बंद होना, नाक बहना।
  • सांस लेने में दिक्कत होना।
  • सही तरीके से वजन नहीं बढ़ना।

4.दस्त होना: दस्त होना भी कब्ज की ही तरह बहुत ही आम बीमारी पर बच्चों को इससे बहुत नुकसान पहुंचता है। दस्त के दौरान बहुत ज्यादा पानी बच्चे के शरीर से निकल जाता है और बच्चे का इम्यून सिस्टम बिगड़ जाता है और कमजोरी होने लगती है। [ये भी पढ़ें : नवजात शिशु की सुकून भरी नींद के लिए अपनाएं ये तरीके]
बच्चों में दस्त के लक्षण:

  • काफी बार शौच आना।
  • बहुत तेज बुखार और सिरदर्द।

कारण: इसका सबसे पहला कारण है  बच्चे को बहुत ज्यादा खिला देना जिसको पचा पाने में उसके में दिक्कत हो। आमतौर पर बच्चों में दस्त रोटा वायरस के कारण होता है।

5.पीलिया: पीलिया की बीमारी बच्चों के लिए बेहद खतरनाक होती है। यह बच्चों के शरीर में पित्त(Gall)की मात्रा कम होने पर होता है। जिसका समय पर इलाज न किया जाय तो जानलेवा साबित हो सकता है।

पीलिया के लक्षण:

  • एकदम से बच्चे में कमजोरी आ जाना।
  • आंखों और शरीर में पीलापन आ जाना।
  • रोग प्रतिरोध क्षमता (इम्यून सिस्टम) का कम हो जाना।

पीलिया के कारण: कुछ ऐसे तत्व जो माँ के दूध में मौजूद होते हैं, पीलिया के लिए जिम्मेदार होते हैं। दूध में शुगर लेवल के बढ़ने के कारण भी पीलिया होने की संभावना बढ़ जाती है।

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "