Ear infection in Babies: शिशु को कान के संक्रमण से कैसे बचाएं

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Tips for Your Baby's Ear Infection

Ear infection in Babies: अपने शिशु के कान के इंफेक्शन को कैसे कम करें

Ear infection in Babies: शिशु का खास ध्यान रखना होता है क्योंकि वो बहुत संवेदनशील होते हैं और एक छोटी सी लापरवाही भी उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। शिशु को कई प्रकार की समस्या होती है और उसको आपको समझने की जरूरत है क्योंकि वो खुद से अपनी बात को नहीं बता सकते हैं। यदि आप अपने शिशु के कान को साफ नहीं करेंगे तो उन्हें इंफेक्शन हो सकता है और यह समस्या उनके लिए असहजता का कारण बन जाती है। कान में इंफेक्शन होने के कारण दर्द और सूजन जैसी समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है। इस समस्या से अपने शिशु को निजात दिलाने के लिए आपको कुछ आसान से टिप्स का पालन करने की आवश्यकता है। [ये भी पढ़ें: Bottle Feeding Problems: आपका शिशु बोतल से दूध क्यों नहीं पी रहा है]

Ear infection in Babies: अपने शिशु को कान के इंफेक्शन से कैसे बचाएं

  • साफ-सफाई रखें
  • ब्रेस्टफीडिंग करवाएं
  • डेकेयर सेंटर ना ले जाएं
  • सिगरेट वाले जगह शिशु को ना रखें
  • पीठ के बल लेटाकर दूध ना पिलाएं

साफ-सफाई रखें:
शिशु को इंफेक्शन से बचाएं रखने के लिए आपको साफ-सफाई जरूर रखनी चाहिए क्योंकि वातावरण में कई कीटाणु और बैक्टीरिया होते हैं जो शिशु के कान में प्रवेश करते हैं और इंफेक्शन को बढ़ाते हैं। इसलिए हमेशा कान को साफ करते रहें।

ब्रेस्टफीडिंग करवाएं:

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Ear infection in Babies: शिशु के इंफेक्शन को दूर करने के लिए ब्रेस्टफिड करवाएं

ब्रेस्ट मिल्क शिशु के स्वास्थ्य के लिए सबसे लाभकारी होता है क्योंकि उसमें कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं। ब्रेस्ट मिल्क में एंटीबॉडी होते हैं जो शिशु को किसी भी प्रकार के इंफेक्शन से बचाता है।

डेकेयर सेंटर ना ले जाएं:
डेकेयर सेंटर में बहुत से बच्चे होते हैं और इस वजह से अधिक साफ-सफाई ना होने के कारण वहां बैक्टीरिया अधिक मात्रा में होते हैं जो आपके शिशु के कान में प्रवेश करते हैं और इंफेक्शन का कारण बनते हैं।

सिगरेट वाले जगह शिशु को ना रखें:
सिगरेट में मौजूद टोबैको बाल को पैरालाइज करते हैं जो ट्यूब को साफ रखते हैं। यह कान में फ्लूइड और म्यूकस के उत्पादन को बढ़ाते हैं।

पीठ के बल लेटाकर दूध ना पिलाएं:
ब्रेस्ट की तुलना में बोतल से फीड कराने में दूध का प्रवाह तेज होता है जिससे दूध बच्चे के यूस्टाचियन ट्यूब में जाने की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ ही जब आप बच्चे के पीठ के बल लेटाकर दूध पिलाते हैं तो दूध नेसल कैविटी में भी जा सकता है। जिसकी वजह से बच्चे के कान में इंफेक्शन हो सकता है। बच्चे के कान में इंफेक्शन होने से बचाने के लिए उसे अपनी गोद में लेटाकर बोतल से दूध पिलाना चाहिए।  [ये भी पढ़ें: बच्चों के लिए चावल का पानी कसे फायदेमंद होता है]

शिशु के कान में इंफेक्शन होने के कारण उन्हें दर्द महसूस होती है, इसलिए इस समस्या से निजात पाने के लिए कुछ आसान टिप्स का पालन करें।

 

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