जानिए किस तरह से करनी चाहिए बच्चे को मसाज

how to massage your newborn baby

बच्चे की मसाज करने से आपके और बच्चे के बीच अच्छा रिश्ता मजबूत होता है। रिसर्च के मुताबिक बच्चे को मसाज करने से उसे अच्छी नींद आती है साथ ही उसका इम्यून सिस्टम भी ठीक रहता है। लेकिन बच्चे को मसाज करने की भी तकनीक होती है। जो बच्चे के लिए फायदेमंद होती हैं। तो आइए आपको कुछ तकनीक बताते हैं जो बच्चे को मसाज करने में लाभकारी होती है। [ये भी पढ़ें: नवजात शिशुओं में होने वाले कान के इंफेक्शन के प्रकार और इसके लक्षण]

पैर: पैर बच्चे की मसाज शुरु करने का सबसे सही अंग होता है। क्योंकि यह शरीर के उन अंगों में से होते हैं जो कम संवेदनशील होते हैं। इसके लिए अपने हाथों में थोड़ा सा तेल लेकर उसे बच्चे की जांघ पर आराम से मसाज करें। इसके बाद बच्चे के पैर को धीरे से प्रत्येक दिशा में घुमाएं। फिर अपने बच्चे के पैर के ऊपर टखने से पैर की उंगलियों तक स्ट्रोक करें। इसी तरह दूसरे पैर में भी करें।

हाथ: हाथों पर मसाज करने के लिए सबसे पहले बच्चे के हाथ को अपने हाथ में ले। उसके बाद आर्मपिट से लेकर कलाई तक मसाज करें। उसके बाद कलाई को हर दिशा में घुमाएं। इसी तरह से दूसरे हाथ में भी करें। इसके बाद बच्चे की कलाई पर मसाज करें। अपने अंगूठे की सहायता से कलाई पर मसाज करें। इससे बच्चे को आराम मिलता है। [ये भी पढ़ें: रोते हुए बच्चों को चुप कराने के लिए आजमाएं ये टिप्स]

सीना: सीने पर मसाज करने के लिए सबसे पहले हाथ जोड़ने की मुद्रा में बच्चे के हृदय पर हाथ रखें। अब अपने हाथ को बाहर की तरफ करते हुए बच्चे के सीने पर सपाट हथेली से मसाज करें। इस तरह से कई बार करें।

पीठ: सबसे पहले बच्चे को पेट के बल लेटा दें। इसके बाद बच्चे रीढ़ की हड्डी से लेकर गर्दन और कूल्हों तक अंगुलियों का इस्तेमाल करते हुए छोटे-छोटे सर्कल बनाएं। इसके बाद बच्चे के कंधों पर भी अच्छी तरह से मसाज करें।

सिर और चेहरा: सिर पर मसाज करने के लिए बच्चे के सिर को दोनों हाथों से पकड़ें और इस तरह मसाज करें कि आप बच्चे को शैम्पू कर रहे हो। उसके बाद अपने अंगूठे और तर्जनी अंगुली से कान की मसाज करें। बच्चे के चेहरे पर दोनों हाथों से दिल बनाते हुए अपने हाथ उसकी चिन पर लाएं। बच्चे की आईब्रो के बीच अंगुठा रखकर मसाज करें। इसी तरह से बच्चे की आंख बंद करके अंगुठे से हल्के से मसाज करें। इससे बच्चे को आराम मिलता है और नींद भी आ जाती है।

पेट: बच्चे के पेट पर क्लॉक वाइस अंगुलियों से सर्कल बनाकर मसाज करें। इसके बाद बच्चे की बेली पर दाई से बाई तरफ मसाज करें। इसके बाद बच्चे के नेवल पर अंगुलियों से मसाज करें। फिर बच्चे के हाथ और पैर पकड़कर पेट की तरफ लेकर आएं। इन दौरान बच्चे के कूल्हे को इधर-उधर घुमाएं ताकि बच्चा गैस पास कर सके। लेकिन एक बात का ध्यान रहे अगर बच्चे की कोर्ड पूरी तरह से ठीक नहीं हुई है तो पेट पर मसाज ना करें। [ये भी पढ़ें: बच्चे के लिए क्यों जरूरी है एवोकाडो का सेवन]

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