अपने बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए क्या करें

How to help your baby to gain weight

बच्चे के वजन को लेकर हर माता-पिता चिंतित होते हैं। बच्चे का वजन अगर ज्यादा है तो यह मोटापे की ओर जा सकता है और अगर यह कम होता है तो भी आपका बच्चा कमजोर हो सकता है। इसके अलावा वह कुपोषण से पीड़ित भी हो सकता है। बच्चों की भूख बहुत कम होती है इसलिए हमें ध्यान रखना होता है कि हम उन्हें क्या खाने को दे रहे हैं। अगर आप उन्हें सही आहार नहीं खिला रहे हैं तो इससे उनका वजन कम हो सकता है जिससे उनका विकास और वृद्धि रुक जाएगी। जरुरी है कि बच्चे का वजन नियंत्रित रहे। आइए जानते हैं कि अगर आपके बच्चे का वजन कम है तो इसे कैसे स्वस्थ तरीके से कैसे बढ़ाएं। [ये भी पढ़ें: बच्चों को स्मार्टफोन का इस्तेमाल क्यों नहीं करने देना चाहिए]

दूध
शिशु जब तक एक साल का नहीं हो जाता है तब तक उसका मुख्य आहार दूध ही होता है, खासतौर पर मां का दूध। आप उन्हें एक साल के बाद गाय का दूध भी दे सकते हैं। आप शिशु को दिन में तीन बार गाय का दूध दे सकते हैं। इससे शिशु को पोषण मिलता है और वह स्वस्थ रहता है।

तेल
शिशु का वजन बढ़ाने के लिए तेल का इस्तेमाल करना एक बेहतर तरीका है। आप जब अपने शिशु का भोजन बना रहे हैं तो उसमें ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें। यह बाकी की तुलना में एक स्वस्थ विकल्प है। [ये भी पढ़ें: बच्चे की देखभाल और वर्क लाइफ के बीच संतुलन कैसे बनाएं]

नट्स (सूखे मेवे)
शिशु को वजन बढ़ाने के लिए प्रेरित करने के लिए सूखे मेवे स्वादिष्ट विकल्प हो सकते हैं क्योंकि आपका शिशु इन्हें खाना पसंद करेगा और ये उसके स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होगा। आप शिशु के लिए सुखे मेवों का पाउडर बना सकते हैं और इसे उनके रोज के आहार में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा आप बादाम दूध, सूखे मेवे के लड्डू, या ड्राई फ्रूट बार भी बना सकती हैं।

अंडा
जब आप अपने शिशु को अंडे का सेवन करने के लिए दे रहे हैं तो शुरुआत में आप उन्हें केवल अंडे का पीला भाग ही दें। अंडे के सफेद भाग से उन्हें एलर्जी हो सकती है। इसे आप थोड़े समय बाद उन्हें दे सकते हैं।

शकरकंद
यह शिशु के लिए बनाने के लिए काफी स्वादिष्ट रेसिपी है जिसे आप आसानी से बना सकती हैं। आपको केवल शकरकंद को उबाल कर मैश करना है। बच्चे के थोड़ा बड़ा होने पर आप इसमें इलायची और नमक भी मिला सकती हैं।  इसमें फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम और विटामिन की उच्च मात्रा होती है जो बच्चे के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। [ये भी पढ़ें: नवजात शिशु को कितने तरह की एलर्जी होने की संभावनाएं होती हैं]

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