बच्चों को अनुशासित रहना कैसे सिखाएं

how-to-discipline-your-child

बच्चों को बचपन से ही अनुशासित रहना सिखाया जाए तो यह उनके भविष्य के लिए काफी मददगार होता है। बच्चों को लोगों की इज्जत करना सिखाना जरुरी होता है ताकि वह आपको लोगों के सामने शर्मिंदा ना कराएं। लेकिन अगर आपके बच्चे बदतमीज होते जा रहे हैं या आपको उनकों संभालना मुश्किल हो रहा है। तो उसके लिए उनकों कुछ नई चीजें सिखाना जरुरी होता है। जिसे सीखने में मजा भी आए और वह अनुशासित रहना भी सीख जाएं। तो आइए आपको कुछ तरीके बताते हैं जिससे बच्चों को अनुशासित रहना सिखाया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: शिशु के लिए हानिकारक हो सकती है आपकी कुछ गलतियां]

अपनी अपेक्षाओं के बारे में सोचें: आपका बच्चा आपकी दुनिया होता है। आप जो भी करते हैं वह अपने बच्चे के लिए करते हैं। जिसका परिणाम यह होने लगता है कि आपकी अपेक्षाएं बच्चों से बढ़ने लगती हैं। जिसकी वजह से माता-पिता अक्सरस भूल जाते हैं कि उनके बच्चे को जीवन में अनुशासित रहने की जरुरत होती है। इसलिए सबसे पहले अपनी अपेक्षाओं को कम करें ताकि बच्चे पर भी दवाब कम पड़े।

पसंदीदा चीजों के ले लेना: हर बच्चे को कुछ ना कुछ बहुत पसंद होता है। जिसे उससे दूर करना बहुत मुश्किल होता है। कुछ बच्चों को खिलौने बहुत पसंद होते हैं जिसे दूर करना थोड़ा मुश्किल होता है और उन्हें खोने के डर से वह उन्हें हमेशा अपने साथ रखते हैं। आप इन्हीं चीजों को लेने का डर देकर बच्चे को अनुशासित कर सकते हैं। पसंदीदा चीज को खोने के डर से बच्चे अनुशासित रहने लगते हैं। [ये भी पढ़ें: डिस्पोजेबल या क्लोथ: कौन से डायपर्स आपके शिशु के लिए बेहतर हैं]

सहानुभूति और सम्मान के साथ सीमा निर्धारित करें: बच्चों को अनुशासित रखने के लिए नियम बनाना जरुरी होता है। लेकिन इन नियमों के दृढ़ होने के साथ सहानुभूति होना भी जरुरी होता है। आप कुछ नियमों को फॉलो करने से रोक भी सकते हैं। इसके साथ ही आपको बच्चों को बार-बार नियम बताते रहना चाहिए। ताकि वह उन्हें भूले नहीं और अनुशासित रहने का प्रयास करें। कभी-कभी नियमों को मानने के लिए बच्चे रोते हैं उस समय उन्हें आपकी सबसे ज्यादा जरुरत होती है। लोगों का सम्मान करना सिखाकर आप उन्हें बेहतर बना सकते हैं।

शांत रहें और बच्चे को समय दें: अगर आप बच्चे के व्यवहार में कुछ बदलाव आना चाहते हैं और उसके लिए आपने कुछ किया है तो थोड़ा समय लें। ऐसा करने से बच्चे को अनुशासित होने में समय मिलेगा। साथ ही वह शांत रहना सीख जाएगा।

गुस्से में कोई निर्णय ना ले: गुस्से में हम अक्सर ऐसी चीजें कह देते हैं जिसका बाद में पचतावा होता है। इसलिए कभी भी गुस्से में बच्चों के लिए कोई निर्णय ना ले। खासकर अनुशासित रहने का निर्णय। क्योंकि गुस्से में आपकी आवाज तेज हो जाती है जो बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। [ये भी पढ़ें: बच्चों को अक्सर होने वाले पेट दर्द के कारण]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "