रुला देने वाले पेट दर्द को रखें अपने बच्चे से दूर

how to calm new born baby from stomach ache

बच्चों की अन्य समस्याओं की तुलना में पेट की समस्या का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। क्योंकि आपके लिए यह जान पाना मुश्किल हो जाता है कि उसके पेट में आखिर किस वजह से दर्द हो रहा है। बच्चों में पेट की समस्याएं कई तरह की हो सकती हैं जैसे कि पेट में मरोड़ होना, कब्ज हो जाना, दस्त होना, गैस बनना। जिसके कारण खाना न खाना, ठीक से सो नहीं पाना और निरंतर रोते रहना इसके प्रमुख लक्षण हैं। आइये जानते है इन दिक्कतों से आप कैसे निजात पा सकतें है।

बच्चे को गर्माहट दें:
how to calm new born baby stomach ache
जब भी आपको लगे कि आपके बच्चे के पेट में बहुत दर्द है तो उसे ज्यादा से ज्यादा गर्म रखने की कोशिश करें। इससे बच्चा जल्दी सो जाएगा और उसे आराम मिलेगा। इसके लिए आप बच्चे को कम्बल में लपेटे या फिर गर्म चादर में लपेट कर रखें। इसके आलावा उसे गर्म पानी से नहलाएं उससे भी बहुत जल्दी उसे आराम मिलने लगेगा।

थोड़े-थोड़े समय पर बच्चे को दूध पिलाएं:
बच्चे को थोड़े-थोड़े समय पर दूध पिलाएं। कई बार बच्चे भूख ना होने की वजह से धीमी गति से खाते हैं, जिससे दूध के साथ-साथ हवा भी उनके पेट में जाती हैं और बाद में यही पेट दर्द का कारण बनता है। [Also Read: ये लक्षण बताएंगे बच्चे में दांत आने का समय है अब नजदीक]

बाहरी दूध को बदले:
कई बार बच्चे को आप बाहर का दूध या किसी प्रकार का बेबी फ़ूड देते है। बच्चे के पेट दर्द होने का एक कारण यह भी हो सकता है, क्या पता आपका बच्चा इस तरह के दूध और फूड को पचा न पा रहा हो। ऐसे में इस तरह की खाने की चीजों को बदल दें या फिर न दें।

बच्चे के पेट की मालिश करें:

बच्चे के पेट में दर्द का कारण उसके पेट की ऐठन भी हो सकती है। जब आपको लगे कि इस प्रकार की कोई समस्या है तो उसके पेट की मालिश करें, ताकि उसके पेट की ऐठन जल्दी ठीक हो जाए। मालिश करने के तरीको को भी ध्यान रखें, ऐठन दूर करने के लिए बच्चे के पेट पर क्लॉक वाइज (घड़ी की सुई की दिशा में) मालिश करें। इसके लिए आप गर्म तेल का भी प्रयोग कर सकते हैं। गर्म तेल में अजवाईन और सोठ को भी मिला कर लगाये यह पेट के लिए लाभदायक माना जाता है। [Also Read: बच्चे के स्वस्थ तन-मन के लिए जरुरी हैं ये आहार]

बच्चे को कुछ न कुछ तरल या दही खिलाये:
पेट में होने वाले दर्द के पीछे वायरल भी हो सकता है, इसलिए उससे बचाव के लिए बच्चे के शरीर में पानी की कमी न होने दे, उसे समय-समय पर पानी, दूध, दलिया या दाल जैसी चीजें जिसको बच्चा आसानी से पचा ले उसे देते रहें। इससे उसे डी हाइड्रेशन की समस्या न हो। साथ ही उसे दही भी खिलाएं क्योंकि दही में अच्छे बैक्टीरिया होते है। पेट में बैक्टरियल फ्लोरा होते हैं जो खाने को पचाने के काम में आतें है। इसके अंसतुलन के कारण ही बच्चे के पेट में बैक्टरियल इन्फेक्शन होता है। दही में मौजूद बैक्टीरिया इस असंतुलन को कम करता है और पेट में मौजूद बैक्टरियल फ्लोरा को ठीक करता है।

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "