Health Problems in Babies: नवजात शिशु को होने वाली आम समस्याएं और इनके उपचार

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Common problems in newborn

Health Problems in Babies: नवजात शिशु की समस्या को कैसे दूर करें

Health Problems in Babies: नवजात शिशु की देखभाल करनी आवश्यक होती है क्योंकि वह बहुत संवेदनशील होते हैं। नवजात शिशु को जल्दी इंफेक्शन होने का खतरा रहता है, इसलिए उनके स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। नवजात शिशु की हाईजीन का जरूर ध्यान रखें वरना उनका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है और उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। छोटे बच्चे अपनी तकलीफ को शब्दों में नहीं बता सकते हैं इसलिए एक अच्छे मां-बाप का फर्ज हैं उनकी गतिविधि से उनकी समस्याओं को समझना। नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य समस्याओं के होने का खतरा अधिक रहता है क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इम्यून सिस्टम पूरी तरह से तैयार नहीं रहता है इसलिए उन्हें इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में उनकी स्वास्थ्य समस्याओं का खास ध्यान रखने की जरूरत है। [ये भी पढ़ें: बच्चों में होने वाले कब्ज के कारण उससे राहत दिलाने के उपाय]

Health Problems in Babies: नवजात शिशु की समस्याएं और उनके उपचार को जरूर जानें

  • कब्ज
  • कॉलिक
  • डायरिया
  • पीलिया

कब्ज:

Common problems in newborn babies
Health Problems in Babies: नवजात शिशु की देखभाल अच्छी तरह से करें

कब्ज नवजात शिशुओं में एक आम समस्या होती है क्योंकि उनका बॉवेल मूवमेंट कम होता है। इस वजह से उनकी पॉटी हार्ड होने लगती है और कब्ज की समस्या हो जाती है। इस वजह से उनका अचानक वजन कम हो जाता है और उल्टी भी होने लगती है।

इनके उपचार: इस समस्या से अपने बच्चे को बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में लिक्विड डाइट दें। ध्यान रहे कि आपके बच्चे के शरीर में पानी की मात्रा कम ना हो। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थो का सेवन आपके बच्चे की इस समस्या को कम करने में मदद करता है।

कॉलिक:
नवजात शिशु में शारीरिक गतिविधि कम होने से और सही पोषण नहीं मिलने की वजह से उन्हें कॉलिक की समस्या हो जाती है। ये हर्निया के उत्पादन की वजह से भी होता है। बच्चों का जल्दी एलर्जी हो जाता है इसलिए उनका ध्यान खास रूप से करें।

इनके उपचार: अगर आपका बच्चा लैक्टोज इन्टॉलरेंस है तो उसे डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन ना करवाएं। ऐसा करना उनको इस समस्या से राहत प्रदान करता है। हर्निया की स्थिति में आपको डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।
डायरिया:
डायरिया भी बच्चों में एक आम समस्या होती है। इसकी वजह से पॉटी बहुत पतली होती है और जल्दी-जल्दी होती है। इसके कारण उल्टी होने लगती है और शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है।

इनके उपचार: इस समस्या से निजात पाने के लिए अपने बच्चे को ओआरएस जरूर दें ताकि उनके शरीर में पानी की मात्रा सही हो जाए और नमक की पूर्ति भी हो जाए।

पीलिया:
शरीर में बीलुबिरिन की मात्रा कम हो जाने की वजह से पीलिया की समस्या होती है। इस समस्या के दौरान बच्चे की भूख कम हो जाती है और पॉटी और यूरिन का रंग भी बदल जाता है।

इनके उपचार: पीलिया होने पर जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें और अपने बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी दें और पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थो का भी सेवन करवाएं। [ये भी पढ़ें: Oats For Babies: बच्चों को ओट्स खिलाने के फायदे]

नवजात शिशु की सही तरीके से देखभाल ना करने की वजह से उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएं हो जाती है। इसलिए उनके हाइजीन का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है।

 

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