बच्चोंं को मुंहासें होने के कारण और सावधानियां

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छोटे बच्चे बहुत संवेदनशील होते हैं इसलिए उनका हर मौसम में खास ख्याल रखना जरुरी होता है। ज्यादा गर्मी और ज्यादा ठंड बच्चों की संवेदनशील त्वचा को बहुत ज्यादा प्रभावित करते हैं। कभी-कभी गर्मियों के दौरान छोटे बच्चों की त्वचा पर मुंहासे हो जाते हैं। ये लाल रंग के होते हैं जिनसे त्वचा पर जलन होती है। ये मुंहासे हाथ लगने या रफ कपड़े के संपर्क में आने पर ज्यादा दर्द करते हैं । छोटे बच्चों को होने वाले इन मुंहासों के दौरान आपको उनकी देखभाल और कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं बच्चों को होने वाले मुंहासों के कारण और उनके लिए आवश्यक सावधानियां।[ये भी पढ़ें: घर में बच्चे के आने से पहले कौन सी बातों का ध्यान रखना जरूरी है]

1.बच्चों को होने वाले मुंहासों के प्रकार: बच्चों को दो प्रकार के मुंहासे हो सकते हैं। नियोनेटल एकने जो 3 सप्ताह तक के बच्चों को होते हैं। ये अधिकतर चेहरे की त्वचा पर होते हैं और दर्द नहीं करते हैं। जबकि संक्रमण के कारण होने वाले मुंहासे बच्चों को 4-5 महीने की उम्र या उससे ज्यादा की उम्र में होते हैं। ये उनके शरीर पर कहीं भी हो सकते हैं और इन मुंहासों में दर्द होते हैं।

सावधानियां:
1.बच्चों को हमेशा स्वच्छ रखें: बच्चों को मुंहासे होने का मुख्य कारण बैक्टीरिया होता है, इसलिए बच्चों को स्वच्छ रखें और हल्के गर्म पानी से रोजाना नहलाएं ताकि बच्चा साफ रहे और बैक्टीरिया उनकी त्वचा को प्रभावित ना करें। [ये भी पढ़ें: बच्चों को बेहतर नींद दिलाने में मददगार खाद्य पदार्थ]

2.लोशन ना लगाएं: बच्चों को मुंहासे होने पर उनकी त्वचा पर लोशन ना लगाएं क्योंकि लोशन लगाने से बच्चों की त्वचा पर मुंहासे और बढ़ सकते हैं।

3.त्वचा को स्क्रब नहीं: बच्चों की त्वचा संवेदनशील होती है इसलिए इनकी त्वचा को स्क्रब ना करें। आराम से बच्चों को नहलाएं और उन्हें गोद में उठाते समय भी सावधानी बरतें।

4.डाइपर बदलते रहें: बच्चों के डाइपर लंबे समय तक नहीं बदलने के कारण त्वचा लंबे समय तक गिली रहती है। जिससे त्वचा पर मुंहासे और रैशेज होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बच्चों का डाइपर बार-बार बदलते रहें।

5.आरामदायक कपड़े पहनाएं: बच्चों को मौसम के अनुसार आरामदायक कपड़े पहनाएं। गर्मियों में उन्हें सूती कपड़े पहनाएं जिससे उन्हें ज्यादा गर्मी ना महसूस हो और अधिक पसीना भी ना आए। [ये भी पढ़ें: स्तनपान छुड़वाते समय शिशु को खिलाएं स्वास्थ्यवर्धक चीजें]

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