बच्चों को सोते वक्त कहानियां सुनाने के क्या लाभ होते हैं

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Benefits Of Bedtime Stories Telling To your Baby

बच्चों को सोते वक्त कहानियां सुनाने से ना सिर्फ उनका मानसिक विकास होता है बल्कि मां और बच्चे के बीच का जुड़ाव भी बढ़ता है। सोते वक्त कहानियां सुनाने से ना सिर्फ आपके बच्चे को अच्छी नींद आती है बल्कि उनकी क्रिएटिवी भी बढ़ती है। इसके अलावा अगर आप अपने बच्चे को सोते वक्त कहानियां सुनाते हैं तो उनके अंदर अच्छी आदतें आती हैं और साथ ही वो अच्छी-अच्छी बातें भी सिखते हैं जो उनके आगे की जिंदगी के लिए बहुत लाभकारी साबित होगा। जब आप अपने बच्चे को सोते वक्त कहानियां सुनाते हैं तो उनके अंदर सोचने की क्षमता बढ़ती है और साथ ही उनका दिमाग भी शांत होता है। आइए जानते हैं बच्चों को सोते वक्त कहानियां सुनाने के क्या लाभ होते हैं। [ये भी पढ़ें: शिशु जब हाथ से खाने लगे तो कौन से खाद्य पदार्थ उन्हें देने चाहिए]

दूसरों से जल्दी बात कर पाते हैं:
अगर आप अपने बच्चे को सोते वक्त कहानियां सुनाते हैं तो इससे वो सेन्टेंस फॉर्मेशन जल्दी करना सीख जाते हैं और दूसरों से आसानी से बात-चीत कर पाते हैं। इसके अलावा उन्हें दूसरों की बातें भी जल्दी समझ आने लगती है क्योंकि उनकी मेमोरी बूस्ट होती है।

सोशल और इमोशनल विकास होता है:
जब आप अपने बच्चे को कहानी सुनाते हैं तो वो सोशल और इमोशनल रूप से दूसरों से आसानी से जुड़ जाते हैं क्योंकि उन्हें चीजों की जानकारी होने लगती है और साथ ही वो अपनी भावनाओं को भी आसानी से व्यक्त कर पाते हैं। [ये भी पढ़ें: शिशु जब हाथ से खाने लगे तो कौन सी बातें ध्यान रखें]

अटेंशन में सुधार आका है:
जब आप अपने बच्चे को कहानी सुनाते हैं तो वो आपकी बातों को ध्यानपूर्वक सुनते हैं और समझते भी हैं। इस वजह से वो अन्य बातों को भी ध्यान से सुनते हैं और इस वजह से उनका अटेंशन बढ़ता है।

चिंता दूर होती है:
सोते वक्त बच्चे को कहानी सुनाने से उनकी चिंता दूर होती है। अगर आपका बच्चा किसी बात से परेशान है तो कहानी उनके दिमाग को रिलैक्स करने में मदद करता है और साथ ही उनकी चिंता भी दूर करता है।

पर्सनालिटी और ज्ञान बढ़ाता है:
जैसे जैसे आपके बच्चे की उम्र बढ़ती है वैसे में कहानी सुनाने से उनकी पर्सनालिटी और ज्ञान बढ़ती है। सोते वक्त अपने बच्चे को अच्छी-अच्छी कहानी सुनाएं जिससे उनका ज्ञान बढ़ें और साथ ही उनकी पर्सनालिटी में भी सुधार आए। [ये भी पढ़ें: शिशु की बॉडी लैंग्वेज से समझें कि वह क्या कह रहा है]

 

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