गर्भधारण से पहले होने वाली जांच के बारे में कितना जानते हैं आप

preconception checkup what you need to know

अगर आप अपने परिवार में एक नन्हें मेहमान को लाने के बारे में सोच रही है तो गर्भधारण करने से पहले आपको प्री-कॉन्सेप्शन चेकअप यानि गर्भ से पूर्व होने वाली जांच कराना आवश्यक है। आप सोच रहे होंगे कि गर्भ से पूर्व होने वाली जांच क्या है। क्या यह वास्तव में जरूरी है? इस जांच के दौरान क्या होता है? जैसा कि नाम से पता चलता है गर्भ से पूर्व होने वाली जांच एक सामान्य स्वास्थ्य जांच है जो कि आमतौर पर डॉक्टर गर्भधारण से पहले कराने की सलाह देते है। अधिकतर मामलों में आपका हेल्थ केयर प्रोवाइडर ही इस जांच को करता है। अगर आपको कोई विशेष समस्या के बारे में चर्चा करनी है तो आप गाइकोनोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) से मिल सकती हैं। आइए जानते हैं कि यह जांच कराना क्यों जरुरी है। [ये भी पढ़ें: अगर जुड़वा बच्चे चाहती हैं तो इन बातों का रखें ध्यान]

गर्भधारण से पहले जांच क्यों जरुरी: प्रीकॉन्सेप्शन चेकअप और प्रीनेटल केयर उन महिलाओं के लिए जरुरी होते हैं जो गर्भधारण के बारे में सोच रही है। हालांकि बहुत से लोग गर्भधारण से पहले होने वाली जांच के बारे में अनजान होते हैं। प्रीकॉन्सेप्शन चेकअप आपके गर्भवती होने की संभावनाओं को बढ़ा सकता है और जन्म के समय बच्चे को होने वाले खतरों को भी कम करता है। साथ ही इस जांच को कराने से आप यह निश्चित कर पाते हैं कि आपके लिए गर्भावस्था का अनुभव स्वस्थ होगा और आप एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देंगी।

गर्भधारण से पहले होने वाली जांच आपको स्वस्थ गर्भधारण के लिए तैयार करती है। अगर आप गर्भधारण से पहले धूम्रपान करती हैं तो जांच के बाद डॉक्टर आपको धूम्रपान छोड़ने के बेहतर तरीके बता सकता है जिससे कि आने वाले बच्चे के स्वास्थ्य को किसी तरह का कोई नुकसान ना हो। [ये भी पढ़ें: क्या महिलाएं पीरियड्स के दौरान कर सकती है गर्भधारण]

गर्भधारण से पहले जांच के दौरान क्या होता है: आप इस बारे में जानना चाहते होंगे कि इस जांच के दौरान क्या होता है। नीचे दिए गए बिंदुओं से आप जान सकते हैं कि प्रीकॉन्सेप्शन चेकअप के दौरान आपको क्या कराना होता है।

खून की जांच: इस दौरान डॉक्टर आपके रक्त की जांच करता है जिससे कि ऐसी किसी भी स्थिति का पता लगाया जा सके जिससे आपकी गर्भावस्था पर कोई प्रभाव पड़ सकता है।

शरीर का वजन: आपके बॉडी मास इंडेक्स(बीएमआई) को बेहतर तरीके से समझने के लिए डॉक्टर आपके शरीर के वजन की भी जांच करता है। इसके अनुसार वह आपका डाइट प्लान तैयार करता है जो आपको गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ रखने में मदद करता है।

थाइरॉइड की जांच: थाइरॉइड रोग गर्भावस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है इसलिए डॉक्टर प्रीकॉन्सेप्शन चेकअप के दौरान आमतौर पर थाइरॉइड की जांच करते हैं, यह निर्धारित करने के लिए कि आपको थाइरॉइड की समस्या है या नहीं।

इम्यूनाइजेशन रिव्यू: आमतौर पर इम्यूनाइजेशन रिव्यू के जरिए डॉक्टर यह पता लगाते हैं कि आपको किसी टीकाकरण की आवश्यकता तो नहीं है।

यूरिन टेस्ट: यूरेनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपको यूरिन टेस्ट कराने का सुझाव दे सकता है। [ये भी पढ़ें: आपके गर्भधारण की क्षमता को प्रभावित करता है मोटापा]

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