Remedies for Autoimmune Disease: ऑटोइम्यून डिजीज से लड़ने के लिए घरेलू उपाय

Remedies for Autoimmune disease

Autoimmune Disease: कुछ घरेलू उपायों की मदद से ऑटोइम्यून डिजीज से बचा जा सकता है।

ऑटोइम्यून डिजीज में कई समस्याएं शामिल होती हैं जिसमें आपका इम्यून सिस्टम स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगता है। क्योंकि वह हानिकारक और स्वास्थ्यवर्धक बैक्टीरिया में अंतर नहीं पता कर पाता है। इम्यून कोशिकाओं को माइक्रोऑर्गेनिज्म ट्रिगर करते हैं। फिर जब कोशिकाओं का उत्पादन ज्यादा होने लगता है तो यह सभी मिलकर स्वस्थ कोशिकाओं को प्रभावित करने लगती हैं जिससे ऑटोइम्यून डिजीज होने लगती हैं। इन डिजीज में थायरॉइड, जोड़ों में दर्द जैसी कई डिजीज शामिल होती हैं। इस दौरान सूजन की समस्या भी हो जाती हैं जिसकी वजह से असहज महसूस होने लगता है। यह ऑटोइम्यून डिजीज के दुष्प्रभाव होते हैं। ऑटोइम्यून डिजीज से लड़ने के लिए आप कुछ घरेलू उपायों की मदद ले सकते हैं। यह घरेलू उपाय काफी प्रभावी होते हैं। तो आइए आपको इन घरेलू उपायों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: ऑटोइम्यून डिजीज से लड़ने के लिए लाभकारी खाद्य पदार्थ]

Remedies for Autoimmune Disease: ऑटोइम्यून डिजीज से लड़ने के लिए प्राकृतिक उपाय

हल्दी
अदरक
एलोवेरा
सेब का सिरका
ऑरिगेनो ऑयल

हल्दी:

turmeric for autoimmune disease
Turmeric: हल्दी ऑटोइम्यून डिजीज से लड़ने में मदद करती है।

हल्दी में कुरकुमिन होता है जो सूजन को कम करके ऑटोइम्यून डिजीज से लड़ने के लिए एंजाइम के उत्पादन को बढ़ाते हैं। यह अर्थराइटिस जैसी डिजीज को दूर करने में मदद करता है। इसका सेवन करने के लिए 1 कप दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर गर्म करके सोने से पहले पिएं।

अदरक: अदरक में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण ऑटोइम्यून डिजीज से लड़ने में मदद करते हैं। ऑटोइम्यून डिजीज की वजह से होने वाली सूजन को दूर करने में यह फायदेमंद होता है। अदरक का सेवन करने के लिए 1 कप पानी में 1 चम्मच कद्दूकस करा हुआ अदरक डालकर 5-10 मिनट तक पानी को गरम करें। इसके बाद पानी को छानकर उसमें नींबू का रस और स्वाद अनुसार शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार पिएं।

एलोवेरा:

aloe-vera for autoimmune disease
Aloe-Vera: एलोवेरा ऑटोइम्यून डिजीज से लड़ने में मदद करता है।

एलोवेरा जेल में सेलिसिलिक एसिड और ल्यूपिओल होता है जो दर्द कम करने के लिए केमिकल होता है इसके साथ ही यह एक फैटी एसिड होता है जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जोड़ों के दर्द के लिए प्रभावी होता है। एलोवेरा का सेवन करने के लिए ताजी एलोवेरा के पत्ते से जेल निकालकर 1 गिलास पानी में 2 चम्मच एलोवेरा जेल और नींबू का रस मिलाकर ब्लेंड कर लें। उसके बाद इसका सेवन करें।

सेब का सिरका: ऑटोइम्यून डिजीज के लिए सेब के सिरके का सेवन फायेदमंद होता है। इसमें विटामिन बी5 होता है जो सूजन और दर्द को कम करता है। इसके साथ ही इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और फॉस्फोकस होते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। इसका सेवन करने के लिए 1 चम्मच सेब का सिरका, 1 टुकड़ा अदरक एक गिलास गर्म पानी में मिलाएं। इसे 5 मिनट तक मिक्स करें। उसके बाद 1 चम्मच शहद मिलाएं।

ऑरिगेनो ऑयल: ऑरिगेनो ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने की वजह से यह ऑटोइम्यून डिजीज से लड़ने के लिए फायदेमंद होता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक गिलास पानी या जूस में 3-4 बूंदें ऑरिगेनो ऑयल मिलाकर दिन में 3 बार पिएं।

ऑटोइम्यून डिजीज को ठीक करने के लिए आप कुछ घरेलू उपायों की मदद ले सकते हैं। यह काफी प्रभावी होते हैं।

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