पियर्सिंग के कारण होने वाले दर्द के लिए घरेलू उपचार

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Amazing home Remedies To Get Rid Of Piercing Pain

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आप जिस हिस्से में पियर्सिंग करवाते हैं उसका खास ध्यान रखना चाहिए वरना आपका दर्द बढ़ सकता है या फिर उस हिस्से में इंफेक्शन भी हो सकता है। पियर्सिंग करवाने के बाद बहुत से लोगों को जलन और खुजली की समस्या होने लगती है और इस वजह से उन्हें असहजता महसूस होती है। पियर्सिंग वाली जगहों पर लालीपन भी आ जाती है। कई लोग पियर्सिंग करवाने के बाद सही तरह से उसकी देखभाल नहीं करते हैं जिसकी वजह से पस भी आने लगता है। पियर्सिंग करवाने के बाद अगर घाव नहीं भरता है तो इससे आपका दर्द अधिक बढ़ सकता है। पियर्सिंग के बाद अगर आप इस दर्द से निजात पाना चाहते हैं तो कुछ ऐसे प्रभावी घरेलू उपचार होते हैं जो आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।  [ये भी पढ़ें: गुहेरी के ईलाज के लिए घरेलू उपाय]

हल्दी:
हल्दी एक बहुत पूरानी जड़ी-बूटी होती है जो इंफेक्शन कम करने के लिए बेहतर विकल्प होता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होता है जो पियर्सिंग के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें पाए जाने वाला कुरकुमिन नामक तत्व बैक्टीरियल इंफेक्शन से भी बचाता है। हल्दी को पानी के साथ मिलाएं और उसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे आपको राहत मिलेगा।

टी-ट्री ऑयल:
टी-ट्री ऑयल में एंटी-फंगल गुण होता है जो त्वचा को इंफेक्शन से बचाता है और साथ ही सूजन और दर्द से भी राहत दिलाता है। पियर्सिंग स्किन टिशू हिस्टामिन के स्तर को बढ़ाता है और इस वजह से त्वचा में सूजन आ जाती है। पानी में टी-ट्री ऑयल को मिलाएं और रूई की मदद से उसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे आपको दर्द से राहत मिलेगी।  [ये भी पढ़ें: सर्दियों के मौसम में शरीर पर आने वाली सूजन को दूर करने के घरेलू उपाय]

तुलसी पत्ता:
तुलसी पत्ता इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है और शरीर को इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है। इसमें एंटीवायरल, एंटीफंगल, एंटी-इंफ्लेमेट्री और एंटी-बैक्टीरियल गुण होता है जो पियर्सिंग के कारण होने वाले दर्द और सूजन से राहत दिलाता है और पस के उत्पादन को भी रोकता है। तुलसी के पत्ते का पेस्ट बना लें और उसे प्रभावित हिस्से पर लगाकर 30 मिनट तक छोड़ दें। फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें।

सेब का सिरका:
सेब के सिरके में एंटीसेप्टिक, डिस्इन्फेक्टेंट और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो दर्द और सूजन को कम करने के लिए प्रभावी होते हैं। सेब का सिरका घाव के पीएच के स्तर को बढ़ाता है जिसकी वजह से बैक्टीरिया उसको प्रभावित नहीं कर पाता है। हल्के गुनगुने पानी में सेब के सिरका को मिलाएं और प्रभावित हिस्से को उससे साफ करें।

एलोवेरा:
एलोवेरा स्किन पोर्स में होने वाली गंदगी और बैक्टीरिया को साफ करता है। इसके अलावा ये लालीपन, दर्द और सूजन से भी राहत दिलाता है। ये एक नेचुरल मेडिसिन होता है। एलोवेरा को प्रभावित हिस्से पर लगाकर 30-40 मिनट तक छोड़ दें और फिर हल्के गर्म पानी से धो लें। [ये भी पढ़ें: जांघ और कूल्हों पर होने वाली फुंसी को घरेलू उपचारों की मदद से करें दूर]

 

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