अश्वगंधा के सेवन से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव

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what are the side effects of ashwagandha

आयुर्वेद में अहम स्थान रखने वाला अश्वगंधा कई तरह से लाभदायक हैं जैसे तनाव में राहत देने के लिए, रक्त चाप को नियंत्रित रखने के लिए आदि। हालांकि ये लाभ तब ही हो सकते हैं जब आप इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए। अश्वगंधा का सेवन कितनी मात्रा में करना है ये व्यक्ति के स्वास्थ्य, उम्र और लिंग पर निर्भर करता है। दिन में 1 से 2 मिग्रा अश्वगंधा का सेवन करना उचित हो सकता है। अगर अश्वगंधा के सेवन में सावधानी ना बरती जाए और तो यह आपके लिए कई तरह की समस्याएं खड़ी कर सकता है। आइए जानते हैं कि अधिक मात्रा में अश्वगंधा का सेवन शरीर पर क्या दुष्प्रभाव डाल सकता है। [ये भी पढ़ें: काली मिर्च से होने वाले साइड इफेक्ट्स]

थायरॉइड हॉर्मोन लेवल को बढ़ाता है: वो लोग जो थायरॉइड की समस्या से जूझ रहे होते हैं उन्हें अश्वगंधा के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि अश्वगंधा शरीर में थायरॉइड हॉर्मोन को बढ़ा सकता है। जब आप थायरॉइड की दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो इनके साथ अश्वगंधा का सेवन पीड़ित व्यक्ति के लिए परेशानी की वजह बन सकता है। थायरॉइड के मरीजों को अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर ऐसा कर रहे हैं तो सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान:
what are the side effects of indian ginsengअश्वगंधा का सेवन गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान करा रही महिलाओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अश्वगंधा शरीर में हॉर्मोनल बदलाव को बढ़ाता है और एस्ट्रोजन हॉर्मोन को प्रभावित करता है जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को ब्लीडिंग की परेशानी हो सकती है। साथ ही यह सिर दर्द को भी बढ़ा सकता है। इसके अलावा अश्वगंधा का सेवन गर्भ में पल रहे शिशु को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान अश्वगंधा का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। [ये भी पढ़ें: अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभ]

हाइपोग्लाइसीमिया (शरीर में शुगर की कमी):  अश्वगंधा का सीधे से सेवन करने या चाय के रुप में सेवन करने से डायबिटीज को कम करने में मदद मिलती है, क्योंकि यह शरीर में शुगर के लेवल को घटाता है। लेकिन अगर इसकी मात्रा का ध्यान नहीं दिया जाए तो शुगर के स्तर में अधिक कमी के कारण आपको हाइपोग्लाइसीमिया (शरीर में शुगर की कमी) की समस्या हो सकती है। शुगर का कम स्तर होने से आपके शरीर में उर्जा का स्तर भी घट जाता है। परिणामस्वरुप आप थके-थके और सुस्त महसूस कर सकते हैं। इसलिए इसका अधिक सेवन नुकसानदायक है।

नींद ना आने की समस्या:  अश्वगंधा की चाय में कुछ सक्रिय कम्पाउंड पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाते हैं। इसलिए अगर आप सोने वक्त अश्वगंधा का सेवन करते हैं तो आपको नीद आने में परेशानी हो सकती हैं। वो लोग जो इनसोम्निया से ग्रस्त हैं, उन्हें इसका सेवन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही करना चाहिए।

सर्जरी: अश्वगंधा का सेवन सर्जरी से पहले या सर्जरी के बाद नहीं करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह नर्वस सिस्टम को धीमा कर देता है जिससे सर्जरी के दौरान जटिलताएं हो सकती हैं। सर्जरी के दो महीने पहले से अश्वगंधा का सेवन बंद कर देना चाहिए। [ये भी पढ़ें: केसर से होने वाले स्वास्थ्यवर्धक फायदे]

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