टॉकिंग थेरेपी के प्रकार जो तनाव कम करने में करते हैं मदद

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types of talking therapy that can reduce stress

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तनाव एक मानसिक अवस्था है जिसमें व्यक्ति मानसिक के साथ शारीरिक रुप से भी ग्रसित होता है। तनाव होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। यह आपके रिश्तों,करियर, आर्थिक समस्या जैसे कई कारणों की वजह से हो सकता है। तनाव के दौरान आपके दिमाग में नकारात्मक विचार आने लगते हैं जो आपके दिमाग पर प्रभाव डालते हैं। तनाव को जल्द ही दूर करने की कोशिश करनी ताहिए नहीं तो यह आपके स्वास्थ्य को भी हानि पहुंचाने लगता है। तनाव दूर करने के लिए टॉकिंग थेरेपी बहुत फायदेमंद होती है। यह आपको पहले जैसे स्वस्थ बनाने में मदद करती है। तो आइए आपको टॉकिंग थेरेपी के प्रकारों और उससे कैसे तनाव कम किया जा सकता है उसके बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: तनाव कैसे आपके पाचन को प्रभावित करता है]

टॉकिंग थेरेपी तनाव को कैसे कम करती है: अपनी भावनाओं को बाहर निकालने के लिए बात करना जरुरी होता है। यह आपके दिमाग में मौजूद तनाव और नकारात्मक भावनाओं के प्रभाव को कम करने में मदद करता है। कभी-कभी अपने दोस्तों, प्रियजनों और रिश्तेदारों से बात करना आपके लिए असरकारक नहीं होता है। उस दौरान आपको टॉक थेरेपिस्ट की जरुरत होती है। वह आपको इस थेरेपी की मदद से तनाव दूर करने में मदद करता है। जिस इंसान को इस थेरेपी के बारे में पता होता है वह आपको अंदर से अच्छा महसूस कराने में मदद कर सकता है।

टॉकिंग थेरेपी के प्रकार: भावनाओं और विचारों के बारे में समझने के लिए कई प्रकार की टॉकिंग थेरेपी हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चार थेरेपी हैं जो क्रोनिक स्ट्रेस से बाहर निकालने में आपकी मदद करते हैं। [ये भी पढ़ें: पारिवारिक तनाव को कैसे कम करें]

कॉगनेटिव बिहेवियरल थेरेपी(सीबीटी): कॉगनेटिव बिहेवियरल थेरेपी में आपके अंदर की भावनाओं को जानने के लिए स्पेशल मॉनिटर का इस्तेमाल किया जाता है। आपका टॉक थेरेपिस्ट आपके सोचने के पैटर्न को बदलने की कोशिश करते हैं जिससे आपको अच्छा महसूस होता है।

डायलेक्टिक बिहेवियर थेरेपी(डीबीटी): डायलेक्टिक बिहेवियर थेरेपी में सीबीटी तकनीक के साथ आप मेडिटेशन भी करते हैं। इसमें आप ग्रुप थेरेपी कर सकते हैं। जो तनाव कम करने में मदद करता है।

साइकोडाइनामिक थेरेपी: इस थेरेपी के दौरान आप अपने अनुभवों और पर्सनालिटी के बारे में एक्सप्लोर करें। और आपके दिमाग में जो विचार चल रहे हैं उन्हें समझने की कोशिश करें। ऐसा करने से तनाव दूर करने में मदद मिलती है।

हृयूमिनिस्टक थेरेपी: यह थेरेपी व्यक्ति को सही तरीके से विकसित होने में मदद करती है। तनाव दूर करने के लिए इसमें और भी कई थेरेपी को शामिल किया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: काम के दौरान खुद को तनाव से कैसे बचाएं]

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