चिंता करने से आपके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ते हैं

side effects of worry on your body

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जीवन में चिंता करना किसी को पसंद नहीं होता है लेकिन परिस्थितियां व्यक्ति को चिंता करने पर मजबूर कर देती है। चिंता करने के बुरे प्रभाव सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ते हैं। चिंता हर छोटी बात पर हो सकती है अगर आपको चिंता होने लगती है तो यह आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता है। आइए जानते हैं कि चिंता करना कैसे आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।  [ये भी पढ़ें: काम के बोझ से खुद को बचाने के लिए क्या करें]

1.नर्वस सिस्टम पर बुरा प्रभाव पड़ता है: दिमाग जो भी संकेत देता है वह एक नेटवर्क के माध्यम से शरीर के अंगों तक पहुंचता है जिसे हम नर्वस सिस्टम कहते हैं। इस सिस्टम में स्पाइन, नर्व और न्यूरोन्स आदि शामिल होते हैं। चिंता करने से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है जिससे नर्वस सिस्टम का संतुलन बिगड़ जाता है।

2.मसल्स में दर्द होना: चिंता करने से स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है जिससे मसल्स में तनाव आ जाता है और कमर, सिर आदि में भी दर्द होने लगता है। [ये भी पढ़ें: चिंता से ग्रसित होने पर रात को किन चीजों को करने से बचना चाहिए]

3.दिल के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होना: चिंता करने के कारण आपके हृदय के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे कार्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है जिससे धमनियों में सूजन आ जाने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए चिंता करना दिल के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है।

4. बीमारियों का खतरा बढ़ जाना: चिंता करने का पहला दुष्प्रभाव होता है नींद का ना आना साथ ही चिंता के कारण हार्मोन बैलेंस बिगड़ने के कारण ब्लड शुगर का स्तर बिगड़ जाता है। इससे आपको वजन बढ़ना, डायबिटीज , स्ट्रोक , किडनी आदि की बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है।

5.पाचन को प्रभावित करती है: चिंता करने से नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है तो पाचन बंद हो जाता है। इसके साथ ही तंत्रिका तंत्र रक्त प्रवाह को प्रभावित करता है जिसकी वजह से पाचन की मांसपेशियों में संकुचन होने लगता है और पाचन के लिए आवश्यक स्राव कम हो जाता है। चिंता करने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइन सिस्टम में भी सूजन आ सकती है। तनाव की वजह से पेट में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है जिसकी वजह से पाचन में दिक्कत आने लगती है।[ये भी पढ़ें: तनाव पैदा करने वाले हार्मोन को कम करने के लिए अपनाएं कुछ उपाय]

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