तनाव को बढ़ाने वाले कोर्टिसोल हार्मोन को एक दिन में करें संतुलित

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one-day plan to balance cortisol levels

तनाव होने का मुख्य कारण कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल असंतुलित होना होता है। यह केमिकल अधिवृक्क ग्रंथि से उत्पादित होता है। यह ग्रंथि शरीर की सभी कोशिकाओं के बीच संचार बनाए रखने के साथ उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करती है। जब यह स्वस्थ होती है तो सुबह के समय कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर ज्यादा होता है जिससे हमे दिन की शुरुआत करने के लिए ऊर्जा मिलती है और सोने से पहले ही इसका स्तर अपने आप कम हो जाता है। मगर इसके स्तर में बदलाव होने के कारण तनाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जिसे कुछ आसान तरीकों से एक दिन में ठीक किया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: मुश्किल परिस्थितियों में भी कैसे बनाए रखें अपना धैर्य]

1- अपने सोने के समय में बदलाव करें: नींद आपके दिन को खत्न करने के लिए आवश्यक होती है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी नींद लेना जरुरी होता है। कोर्टिसोल हार्मोन मैनाटोनिन के उत्पादन को नियमित करता है। जो सिर्फ नींद के लिए ही नहीं बल्कि शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने में भी मदद करता है। कोर्टिसोल के उत्पादन बढ़ने से मैलाटोनिन का उत्पादन कम हो जाता है। कोर्टिसोल उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए पूरी नींद लेना जरुरी होता है। इसके लिए आपको 7-8 घंटे सोना चाहिए और रात को 10-11 बजे सोकर सुबह 7 बजे उठ जाना चाहिए।

2-रोशनी में रहें: लाइट के स्पेकट्रम कोर्टिसोल को संतुलित रखने में मदद करते हैं। सुबह की सूरज की रोशनी आपकी आंखों में पड़ने से कोर्टिसोल संतुलित होने लगते है और पूरे दिन आपको ऊर्जावान और मूड भी अच्छा रहता है। पूरे दिन प्राकृतिक रोशनी में रहने के लिए खिड़की के पास बैठे जहां से आपको रोशनी मिलती रहे और रात को रोशनी के लिए अपने फोन में ब्लू लाइट जलाकर रखें। [ये भी पढ़ें: इन आसान तरीकों से खुद को करें रिलैक्स]

3-सही समय पर सही भोजन का सेवन करें: कम मात्रा मे कार्बोहाइड्रेट भोजन का सेवन करने से वजन तो कम होता है लेकिन यह कोर्टिसोल के लेवल को बढ़ाता है। सोने से 3-5 घंटे पहले स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट भोजन का सेवन करने से नींद में सुधार होने के साथ कोर्टिसोल का स्तर भी संतुलित रहता है। इसके साथ ही भोजन ना करने से कोर्टिसोल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कार्बोहाइड्रेट से परिपूर्ण भोजन के लिए आप स्वीट पोटेटो, ब्राउन राइस का सेवन कर सकते हैं।

4-काम करने के बाद और डिनर से पहले गतिविधियां करें: काम करने के बाद मानसिक और भावनात्मक रुप से आराम करने से कोर्टिसोल का स्तर संतुलित होता है और नींद में सुधार होता है। इसके लिए काम करने के बाद 15 मिनट कोई भी एक्टिविटी करें। इस दौरान आप कुछ भी कर सकते हैं, इन्हें करने के बाद ही डिनर करें। इससे नींद अच्छी आएगी और कोर्टिसोल भी संतुलित हो जाएगा।

5-दिन के अंत में कैफीन और एल्कोहल का सेवन ना करें: कॉफी, चाय और चॉकलेट का सेवन करने से अच्छा महसूस होता है लेकिन रात को इसका सेवन करने से आपको नींद नहीं आती है जिसकी वजह से कोर्टिसोल का स्तर असंतुलित हो जाता है। इसी तरह से एल्कोहल भी आपके शरीर के लिए हानिकारक होता है। तो कोर्टिसोल के लेवल को संतुलित करने के लिए दोपहर के बाद से ही कैफीन और एल्कोहल का सेवन करना बंद कर दें।

5-साफ और स्वस्थ भोजन का सेवन करें: लंबे समय से चल रही सूजन की वजह से कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल असंतुलित होता है। इसके साथ ही ब्लड शुगर भी असंतुलित हो जाती है। इसलिए प्रोसेस्ड फूड, हाई शुगर वाले भोजन का सेवन छोड़कर साफ और स्वस्थ भोजन का सेवन करना शुरु कर दें। [ये भी पढ़ें: सुबह होने वाले सिरदर्द के पीछे हो सकते हैं ये कारण]

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