कहीं आप खुद ही अपने मानसिक और भावनात्मक तनाव के कारण तो नहीं हैं

Mental and Emotional Stress: Are You Your Own Worst Enemy

ज्यादातर लोग कभी ना कभी तनाव का अनुभव करते हैं। मगर कुछ लोग तनाव में छोटी-छोटी बातों पर जरुरत से ज्यादा गुस्सा करने लगते हैं, भड़कने लगते हैं, दूसरों को जज करने लगते हैं। जिसकी वजह से वह ज्यादा सोचते हैं और इसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। इस तरह से करने से जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ने लगता है। इसकी वजह से कई गंभीर समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है। इन सभी बातों से आप अपने तनाव के लेवल को खुद ही बढ़ा देते हैं। तो आइए आपको उन बातों के बारे में बताते हैं जिससे अपने मानसिक और भावनात्मक तनाव को बढ़ा देते हैं। [ये भी पढ़ें: आशावादी होने के क्या फायदे हैं]

1-खुद से नकारात्मक बातें करना: कभी-कभी हमारे दिमाग में नकारात्मक विचार आने लगते हैं जिसकी वजह से हम उन बातों के बारे में सोचकर खुद से बातें करने लगते हैं। कई लोग बचपन से ही खुद से बात करने लगते हैं तो यह आदत हमेशा रहती है। जो लोग खुद से बात करते हैं वह तनाव के दौरान नकारात्मक बातें करना शुरु कर देते हैं जिसका कोई अस्तित्व नहीं होता है। आप दूसरों के प्रति ईष्या की बातें करने लगते हैं। जिसकी वजह से सकारात्मक भावनाओं पर नकारात्मक भावनाएं हावी होने लगती है। खुद से बात करते समय वह ये सोचने लगते हैं की उनके तनाव का लेवल ज्यादा है जितना वह संभाल सकते हैं।

2-विवादों को सुलझाने में असमर्थ होना: किसी भी चीज को लेकर विवाद होना जीवन का एक भाग है। मगर हम इसे किस तरह से संभालते हैं यह हमारे रिश्ते की मजबूती पर निर्भर करता है। या इसे संभाल ना पाने की वजह से मानसिक तनाव हो जाता है। जो लोग आक्रमक तरीके से किसी भी चीज की प्रतिक्रिया देते हैं उन्हें यह पता नहीं होता है कि वह अपने रिश्ते को नुकसान पहुंचा रहे होते हैं। [ये भी पढ़ें: इन तरीकों से तनाव को दूर भगायें और अपने मूड को बेहतर बनाएं]

3-निराशावादी होना: अगर आप बहुत जल्दी निराश हो जाते हैं तो आपके साथ चीजें और बदतर हो जाती हैं। आपके पास से अच्छे मौके दूर चले जाते हैं। जिसका परिणाम मानसिक तनाव होता है। निराशावादी होना गिलास को खाली देखने की तरह होता है। बहुत से निराशावादी लोग किसी भी चीज को सकारात्मक नहीं पाते हैं जिसकी वजह से वह खुद ही अपने तनाव का कारण बन जाते हैं।

4-किसी भी चीज के बारे में ज्यादा सोचना: किसी भी चीज के बारे में ज्यादा सोचने से आप पर ज्यादा दबाव पड़ता है। जिसकी वजह से आप हमेशा तनाव में रहते हैं और आपके तनाव का लेवल जरुरत से ज्यादा हो जाता है जिसे आप संभाल नहीं पाते हैं। ज्यादा समय तक तनाव में रहने से आपको क्रोनिक तनाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। [ये भी पढ़ें: इन तरीकों को अपनाकर चंद मिनटों में अपने तनाव को दूर करें]

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