UP Board Result 2018: रिजल्ट आने से पहले होने वाले तनाव को कैसे कम करें

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परीक्षा के रिजल्ट आने से पहले बच्चे अक्सर तनाव का शिकार हो जाता है। पेपर अच्छे जाने के बावजूद रिजल्ट आने के साथ-साथ बच्चों के मन में टेंशन बढ़ती जाती है और वे तनाव का शिकार होते चले जाते हैं। छात्र को यह समझना चाहिए कि आप रिजल्ट को बदल नहीं सकते। ऐसे में आपके परेशान होने या तनाव में आने के कारण कोई फायदा नहीं होने वाला। तनाव के कारण बच्चों को नींद ना आना, सिर दर्द, बैचेनी जैसी समस्याएं हो जाती है। रिजल्ट आने से पहले का तनाव स्वाभाविक होता है और अक्सर बच्चे चाहकर भी इससे बच नहीं पाते हैं। लेकिन कुछ टिप्स की मदद से आप तनाव को कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ टिप्स के बारे में जो रिजल्ट के तनाव को कम करने में मदद करते हैं।

1.मन को शांत रखें: परीक्षा का रिजल्ट आने से पहले होने वाले तनाव और दबाव को कम करने के लिए आपको अपना मन शांत रखना चाहिए। इसके लिए ज्यादा सोचें नहीं और मन पसंदीदा कामों में मन लगाएं। आपकी जो भी रुचि होती है उन कार्यों को करें जिससे आपके मन में बार-बार रिजल्ट का ख्याल ना आए।

2. सकारात्मक सोचें: परीक्षा दिए हुए काफी समय हो चुका है अब रिजल्ट की बारी आई है। ऐसे में नकारात्मक सोचकर अपना मन खराब करने की जरुरत नहीं है क्योंकि नकारात्मक सोचने से सिर्फ आपका तनाव ही बढ़ता है। इसलिए मन में सकारात्मक विचार लाएं जिससे तनाव कम होता है।

3.परिजनों से बात करें: माता-पिता और परीजन हमेशा अपने बच्चों से प्यार करते हैं और वे भी आपके तनाव से भली-भांति परीचित होते हैं। माता-पिता का साथ और सलाह आपका तनाव कम करने में मदद करता है। आप जैसा भी महसूस कर रहे हैं, वह परिजनों को बताएं। उनकी सलाह आपका तनाव कम करने में मदद करती है।

4. रिजल्ट के बारे में ज्यादा ना सोचें: रिजल्ट के बारे में जितनी ज्यादा बात करेंगे, तनाव उतना बढ़ता है। इसलिए रिजल्ट के बारे में जितना हो सकता है उतनी कम बात करें और कम से कम सोचें। ऐसा करने से आपका मन शांत रहता है और तनाव कम हो जाता है।

यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के रिजल्ट आने वाले हैं। इस बार भी लाखों बच्चों ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं दी हैं। साल 2017 में करीब 60.29 लाख छात्रों ने बोर्ड एक्जाम दिए थे। 2018 के यूपी बोर्ड एग्जाम में 66.72 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया। यूपी बोर्ड 2018 में 10 वीं के लगभग 34,04,571 छात्रों ने परीक्षा दी है जबकि 2017 में कक्षा 10 के लगभग 34,04,1511 छात्रों ने परीक्षा दी थी। पिछले साल कक्षा 10 की परीक्षा में कुल 81.6 प्रतिशत बच्चे पास हुए थे जिनमें 86.50 प्रतिशत लड़कियां और 81.6 प्रतिशत लड़के पास हुए थे। 2018 की 10वीं बोर्ड की परीक्षाओं का आयोजन 6 फरवरी-22 फरवरी को किया गया था।

वहीं यूपी बोर्ड 2018 में कक्षा 12 की परीक्षाएं 6 फरवरी-12 मार्च तक आयोजित की गई थी जिनमें 26,24,681 छात्र बैठे थे। यूपी बोर्ड 2017 की 12वीं की परीक्षा में 26,54,492 छात्र शामिल हुए थे जिनमें से 81.6 प्रतिशत बच्चे पास हुए। पास होने वाले छात्रों में 76.75 प्रतिशत लड़के और 86.50 प्रतिशत लड़कियां थी। 12 वीं का हाईएस्ट स्कोर 96.20 प्रतिशत रहा जबकि 10वीं का हाईएस्ट स्कोर 95.83 प्रतिशत रहा था।

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