वक्त से पहले बूढ़ा बना सकता है अत्यधिक तनाव

stress and its causes

किसी तरह के दबाव की स्थिति या विपरीत परिस्थितियों में शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है। जिससे आप तनाव महसूस करते हैं। तनाव होने के कारण हमें हर स्थिति चुनौती की तरह लगता है और हम उससे सही तरीके से डील नहीं कर पाते, उसके चलते हम पर मानसिक और शारीरिक तौर पर दबाव बनने लगता है और इससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उम्र से पहले बुढ़ापा आने के लिए तनाव को एक बड़ा कारण माना जाता है। जिंदगी के उतार-चढ़ाव को लेकर चिंताओं और तनाव की वजह से लोगों की उम्र वास्तविकता से अधिक लगने लगी है।[ ये भी पढ़ें: तनाव की समस्या एक जैसी नहीं होती है इनके भी कई प्रकार होते हैं]

उम्र से पहले आ जाता है बुढ़ापा: तनाव के कारण परेशानी का असर आपके चेहरे और शरीर पर दिखने लगता है जिसके कारण आपकी उम्र ज्यादा लगने लगती है। हम सोचते हैं कि क्या ऐसा हो सकता है और कभी-कभी तो हम इस तरह की बातों को मजाक भी मान लेते हैं लेकिन आपको बता दें कि ये सभी लक्षण सही हैं। अध्ययनों मे पाया गया है कि अत्यधिक तनाव आपके जीवनकाल को कम कर देता है और ऐसा आपके डीएनए के डैमेज होने के कारण होता है। लेकिन हाल ही में हुए अध्ययनों में ये देखा गया है कि क्रोनिक तनाव वास्तव में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया में तेजी लाता है और इससे पीड़ित व्यक्ति का जीवन काल भी छोटा होता जाता है।

तनाव डीएनए को क्षति पहुंचाता है:
How Stress is Shortening Your Lifeनए रिसर्च के मुताबिक किसी व्यक्ति को यदि लंबे समय से तनाव है तो यह उसके शरीर के डीएनए को नुकसान पहुंचाता है। वास्तव में समय के साथ तनाव हमारे डीएनए के महत्वपूर्ण भागों को नष्ट कर देता है। इस क्षति और क्षरण के कारण इंसान की उम्र कम होने लगती है। अध्ययन से पता चला है कि क्रोनिक तनाव लोगों में टेलोमरेस (Telomeres) को कम कर देता है। टेलोमेरेस वो सुरक्षात्मक एजिस है जो डीएनए स्ट्रेंड्स को बांधने में मददगार होते हैं। इन टेलोमेरेस को क्षति पहुंचने से डीएनए का कोशिकाओं को निर्देशित करने वाला व्यवहार बदलने लगता है जो कि सीधे हमारी दीर्घायु से जुड़ा होता है। तनाव आपके जीवन काल को कम करता है। यह इस बात आप पर निर्भर करता है कि कैसे आप तनाव को हैंडल करते हैं। [ ये भी पढ़ें: जानिए कैसे मेडिटेशन के जरिए कर सकते हैं आप तनाव को कम]

तनाव बीमारी के खतरे को बढ़ाता है:
How Stress is Shortening Your Lifeतनाव के कारण आपके शरीर में डीएनए नष्ट होते हैं। साथ ही यह आपके शरीर को कमजोर भी कर देता है जिसके कारण आपका शरीर बाकी बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। यह आप में बीमारियों के खतरे को पहले से अधिक बढ़ा देता है। शोध में पता लगाया गया है कि तनाव उन क्रोमोसोम्स और क्रिया विधि को नुकसान पहुंचाता है जो आपके बेहतर स्वास्थ्य व प्रतिरक्षा तंत्र की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिये जिम्मेदार होते हैं।[ये भी पढ़ें: तनाव कम करने का आसान तरीका है मेडिटेशन]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "