तनाव को दूर करने में मदद करती है रचनात्मकता

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आर्ट(रचनात्मकता) यानि की कला एक ऐसी थेरेपी है जिससे आप अपना हुनर तो निखार ही सकते हैं साथ ही तनाव भी कम कर सकते हैं। बचपन से ही हम चित्र बनाने, आटे की आकृति बनानें, अंगुली से कुछ ना कुछ उकेरने जैसे काम करते रहते हैं। वे लोग जो कला में खुद को अच्छा नहीं मानते तो वे भी बचपन में कुछ ना कुछ कलाकारी जरुर करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये छोटी-छोटी कला से जुड़ी चीजें आपके जीवन के तनाव को काफी हद तक कम कर देती हैं। आइए जानते हैं कि कैसे कला आपके जीवन के तनाव को कम करती है। [ये भी पढ़ें- जानें कैसे गर्म पानी आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है]

1. ध्यान भटकाना: कला का सबसे महत्वपूर्ण योगदान यह है कि इससे आपका ध्यान भटक जाता है। जब आप तनाव में होते हैं, तो आपका ध्यान लगातार अपनी परेशानी की ओर होता है। लेकिन आर्ट, पेंटिग आदि आपका ध्यान भटकाती है और कुछ समय के लिए आप अपनी परेशानी को भूल जाते हैं।

2. निरंतरता: यह कला का एक महत्वपूर्ण गुण होता है, जब आप मन से कुछ लिखते हैं, कुछ बनाते हैं, कुछ उकेरते है तो उसमें निरंतरता होती है। ये एक प्रकार का मेडिटेशन होता है, जो आपका ध्यान एक जगह आपकी रचनात्मकता पर लगा देता है और ये निरंतरता आपका तनाव से हटाकर काम की तरफ ध्यान लगाती है।

3. अपना ख्याल खुद रखना: एक शोध के अनुसार कला और रोगों के समाधान के बीच एक संबंध होता है। अपनी रुचि के अनुसार कोई भी काम करना हमें खुद का ख्याल रखना और खुद का काम करना सिखाता है। रोजाना केवल कुछ समय अपनी रुचि को देने से हमें थोड़े दिनों में ही जीवन तनाव रहित और खूबसूरत लगने लगता है।[ये भी पढ़ें- इन तरीकों को अपनाकर बढ़ाए ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन्स(एचजीएच)]

4. अपनी भावनाएं जाहिर करना: कला हमारी भावनाएं जाहिर करने का सबसे रचनात्मक तरीका है। हम गुस्सा, प्यार, खुशी, दुख आदि को अपनी कला के माध्यम से पेंटिग बोर्ड पर उतार सकते हैं। साथ ही संगीत यानि म्यूजिक, डांस यानि की नृत्य भी आपकी भावनाओं को जाहिर करने का सबसे अच्छा तरीका है। इससे आप मन ही मन घुटते नहीं बल्कि अपनी भावनाओं को जाहिर कर खुश रहते हैं।

5. वर्तमान को संभालने में मदद करता है : जब तनाव आपके दिमाग पर हावी हो जाता है तो ऐसे में आपको पुरानी परेशानियां तो याद आ ही जाती है इसी के साथ आपको अपना भविष्य भी परेशानियों भरा लगने लगता है। इसलिए आप और अधिक परेशान रहने लगते हैं। कला आपके विचारों को वर्तमान पर केंद्रित करती है। जिससे हमारा ध्यान उस समय कि परेशानियों को खत्म करने में लगता है।[ये भी पढ़ें- हार्मोन संतुलन के लिए एक्सरसाइज करने का ये समय है बेहतर]

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