अध्यात्मिक जागृति के कारण रात को 3 से 5 बजे के बीच खुल सकती हैं आपकी नींद

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why we wake up at night

रात में रोजाना बिना अलार्म के एक ही समय पर खुद-ब-खुद उठ जाना कोई साधारण बात नहीं है इस पर ध्यान देने की जरूरत है। मानव शरीर में ऊर्जा का बहाव होता है जिससे हम अनजान होते है। पुरातन चीनी चिकित्सा पद्धति में इस ऊर्जा को ‘ची’ के नाम से जाना जाता है। अगर इस ऊर्जा प्रवाह में किसी भी तरह की रुकावट होती है तो शरीर के कुछ हिस्से में या तो ऊर्जा का संचार रुक जाता है या कुछ हिस्सों में ऊर्जा की मात्रा ज्यादा हो जाती है। शरीर में ऊर्जा के प्रवाह के कई हिस्से और केंद्र होते हैं जिसे पुरातन चीनी चिकित्सा पद्यति में मेरीडियन के नाम से जाना जाता है। इन केन्द्रों का इस्तेमाल एक्यूपंचर और एक्यूप्रेशर के लिए किया जाता है। ये मेरीडियन शरीर के समय प्रणाली से जुड़े होते हैं और अलग-अलग समय पर शरीर के अलग-अलग हिस्सों में ऊर्जा का प्रवाह करते हैं। रोजाना 3 और 5 बजे के बीच उठना इस बात का संकेत है कि आपके शरीर के कुछ ख़ास हिस्सों में ऊर्जा प्रवाह या तो रुक गया है या कम हो गया है। [ये भी पढ़ें: जानें कुण्डलिनी चक्र कैसे आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं]

ऐसा भी माना जाता है कि सोते समय हम किसी बाहरी शक्ति के संपर्क में होते हैं और उनके संदेश हमारे अध्यात्मिक यात्रा के बारे में बताते हैं। क्या आप भी रोजाना रात में एक ही समय में उठते हैं? जाने इसके पीछे क्या वजह होती है।

रात के 9 से 11 बजे के बीच सोने में दिक्कत महसूस होना:
why we wake up at night ज्यादातर लोगों के लिए सोने का समय 9 से 11 के बीच होता है। अगर आप इस समय सो नहीं पा रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप या तो बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं या चिंता करते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए मेडिटेशन करना बेहतर उपाय है। [ ये भी पढ़ें: ताई ची के अभ्यास से हो सकते हैं ये चमत्कारी फायदें]

रात के 11 बजे से 1 बजे के बीच उठना: पुरातन चीनी चिकित्सा पद्यति के अनुसार सोने के इस समय गॉल ब्लैडर सक्रिय रहता है। इस समय उठना भावनात्मक अस्थिरता को दर्शाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए खुद को समझने और क्षमा की भावना लानी चाहिए।

रात के 1 बजे से 3 बजे के बीच उठना: समय की इस अवधि में ऊर्जा मेरीडियन का सम्बन्ध लीवर से होता है। ऐसा माना जाता है कि समय की इस अवधि में उठना गुस्से को दर्शाता है। अगर कोई रात 1 बजे से 3 बजे के बीच किसी ख़ास वक्त पर उठता है तो इसका मतलब ये है कि वो व्यक्ति गुस्से में है या ज्यादा गुस्सा करता है। दोबारा सोने के लिए ठंडा पानी पिए या मेडिटेशन करें।

रात के 3 बजे और सुबह 5 बजे के बीच उठना:
why we wake up at nightसमय की इस अवधि का सम्बन्ध फेफड़ों और दुःख की भावना से होता है। अगर आप समय की इस अवधि में उठते हैं तो ये इस बात का संकेत हो सकता है की कोई बड़ी शक्ति आपको आपके लक्ष्य के लिए दिशा निर्देश दे रही है। दोबारा सोने के लिए प्रार्थना करें या कुछ देर गहरी सांसे ले और धीरे-धीरे छोड़ें।

सुबह के 5 से 7 बजे के बीच उठना: समय की इस अवधि में ऊर्जा का प्रवाह बड़ी आंत में होता है। इस वक्त उठना भावनात्मक रुकाव को भी दर्शाता है। दोबारा सोने के लिए अपने मसल्स को स्ट्रेच करें या फिर बाथरूम जाएं। [ये भी पढ़ें: रोजमर्रा की जिंदगी में इन उपायों से लाएं अध्यात्मिकता]

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