नमस्ते कहने से होता है सकारात्मक उर्जा का संचार

what is the meaning of namaste

नमस्ते या नमस्कार एक दूसरे को अभिनंदन करने का एक भारतीय तरीका होता है। चाहे आप किसी को अच्छे से जानते हैं या किसी से पहली बार मिलते हैं, सामने वाले को नमस्ते करना नहीं भूलना चाहिए क्योंकि ये एक तरीका होता है जिससे आप किसी को आदर-सम्मान देते हैं। नमस्ते का मतलब नमः यानी “नमस्कार”  और ते यानी “आपको” का होता है। इसे एक साथ रखने पर इसका अर्थ “आप को नमस्कार।” हृदय चक्र के निकट दोनों हाथों को जोड़ना, प्रार्थना की स्थिति को दर्शाता है। [ये भी पढ़ें: जाने क्या होता है औरा और किस तरह ये आपको प्रभावित करता है]

नमस्ते का अध्यात्मिक मतलब: जब कोई व्यक्ति दूसरे के लिए ऐसा महसूस करता है कि “मैं दूसरे को आत्मा को श्रद्धांजलि देता हूं” तो उसके अंदर अध्यात्मिक भावना उत्पन्न होती है। नमस्ते करना उस इंसान को अहम बनाता है जिसे आप नमस्ते बोलते हैं। नमस्ते शब्द आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा जगाता है। नमस्ते बोलते समय हार्ट सेंटर और चक्रास एक दूसरे से जुड़ते हैं।

योग के माध्यम से नमस्ते कैसे करें: नमस्ते योग में आम नमस्कार के रूप में किया जाता है। यह एक प्रकार का सकारात्मक संदेश होता है जो शांतिपूर्ण अध्यात्मिकता की ओर इशारा करता है। अगर अपने योग शिक्षक को नमस्ते कहते हैं जो इसका मतलब है आप उन्हें धन्यवाद दे रहें हैं। आधुनिक संस्कृतियों में नमस्ते अर्थ के एक नए स्तर पर ले जाया जाता है। यह एक अध्यात्मिक मंत्र और एक दिव्य अभिवादन होता है। भारत में कुछ योगी शब्द नमस्ते शब्द नहीं बोलते हैं हालांकि पश्चिमी संस्कृतियों में इसे स्वागत के रूप में माना जाता है। [ये भी पढ़ें: अध्यात्मिक परिवर्तन की प्रक्रिया में आते हैं ये बदलाव]

नमस्ते कैसे करें: भारत में, सहयोगियों को शुभकामनाएं देने के लिए नमस्कार का उपयोग किया जाता है। नमस्ते करते समय दोनों हाथ एक साथ और छाती के सामने केंद्रित करते हैं। नमस्ते कहकर झुकने के लिए एक छोटी सी गति बनाते हैं और इस दौरान आंखें बंद होनी चाहिए और हाथों में कुछ नहीं होना चाहिए।

नमस्ते करते समय इन बातों का जरूर ध्यान रखें: नमस्कार अध्यात्मिक संबंध बनाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। नमस्ते कहना आपके अंदर एक सकारात्मक भाव जगाता है। नमस्कार कहते समय अपने मन में सकारात्मकता जगाएं। अगर आप नकारात्मक सोच रखेंगे तो नकारात्मकता में वृद्धि की संभावना बढ़ जाती है। [ये भी पढ़ें: इन तरीकों से विकसित करें अपना सिक्स्थ सेन्स]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "