जाने क्या होता है औरा और किस तरह ये आपको प्रभावित करता है

know what is aura and how does it affect us

औरा जिसे हिंदी में आभामंडल के नाम से भी जाना जाता है एक अदृश्य और गोल मैग्नेटिक एनर्जी फील्ड(चुम्बकीय ऊर्जा क्षेत्र) होता है जो लोगो के इधर-उधर घूमता है। यह सात सतहों/लेयर में विभाजित होता है जिसे फिजिकल, एस्ट्रल, लोअर, हायर, इन्ट्यूशनल, स्पिरिचुअल(अध्यात्मिक) और एब्सोल्यूट प्लेन के नाम से जाना जाता है। हमारे शरीर के इर्द गिर्द घुमने वाली औरा की इन विभिन्न सतहों में अलग अलग फ्रीक्वेंसी होती है। ये आपस में जुड़ी होती हैं और एक सतह दूसरी सतह को प्रभावित करती हैं। औरा प्लेन व्यक्ति के भावनाओं, विचार, व्यवहार और स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता हैं। औरा के इन सभी अलग सतहों का अपना महत्त्व होता है जिससे शरीर को अलग-अलग फायदे होते हैं। [ये भी पढ़ें: अध्यात्मिक परिवर्तन की प्रक्रिया में आते हैं ये बदलाव]

फिजिकल औरा प्लेन: औरा की ये सतह हमारे सबसे नजदीक होती है और जब हम सो रहे होते हैं या आराम कर रहे होते हैं तो यह ज्यादातर सक्रिय हो जाती है। जब इस सतह को संतुलित करने के लिए हमें आराम, आनंद और अच्छे स्वास्थ्य की जरूरत होती है। वो लोग जो नकरात्मक ख्यालों से जूझ रहे होते हैं उनका फिजिकल औरा प्लेन नकरात्मक होता है।

एस्ट्रल औरा प्लेन: इस औरा प्लेन को भावनात्मक लेयर(सतह) के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसमें हमारा भावनात्मक इतिहास संग्रहित होता है। जब व्यक्ति अस्थिर, चिड़चिड़ा या ज्यादा संवेदनशील महसूस करता है तब ये एस्ट्रल औरा प्लेन मौजूद नहीं होता या इसका प्रभाव कम हो गया होता है। ये औरा प्लेन तब ज्यादा सक्रिय होता है जब व्यक्ति अपने आसपास के वातावरण से सामंजस्य बना लेता है। [ये भी पढ़ें: इन तरीकों से विकसित करें अपना सिक्स्थ सेन्स]

लोअर औरा प्लेन: यह प्लेन हमें हमारे विचारो और व्यक्तित्व के निर्माण में मदद करता है। यह प्लेन ज्यादातर उस समय सक्रिय होता है जब व्यक्ति जगा होता है। यह प्लेन काम के वक्त या उस वक्त जब हम एकाग्र होते हैं हमारे दिमाग को बढ़ाता है। इसी प्लेन में हमारी मान्यताएं भी जमा होती है। जब भी किसी व्यक्ति के लोअर औरा प्लेन में कोई बाधा उत्पन्न होती है तो व्यक्ति बहुत निराश महसूस करता है।

हायर औरा प्लेन: इस औरा प्लेन में हमारी वो मान्यताएं और सोच जमा होती है जो आत्मसम्मान, खुद से प्रेम की भावना, आभार की भावना को दर्शाती है । इस औरा प्लेन में व्यक्ति को अन्दर से खुद की आवाज आती है और वो खुद से बाते करता है।

स्पिरिचुअल औरा प्लेन: इस प्लेन का सम्बन्ध अध्यात्मिकता से होता है। अगर किसी व्यक्ति के स्पिरिचुअल औरा प्लेन का जुड़ाव किसी दूसरे व्यक्ति के स्पिरिचुअल औरा प्लेन से होता है तो दोनों के बीच अध्यात्मिक संबन्ध बनते हैं। जिन लोगो में ये प्लेन ज्यादा विकसित नहीं होता वो कई तरह के नकरात्मक विचारो से ग्रस्त रहते हैं।

इन्ट्यूशनल औरा प्लेन: इस औरा प्लेन में हमारे सपनें, पूर्वाभास और अध्यात्मिक जागरूकता संग्रहित होती है। ये औरा प्लेन उन्ही लोगों में ज्यादा विकसित होता है जो अध्यात्मिक होते हैं या अध्यात्मिक लोगो के करीब होते हैं। ये औरा प्लेन उन लोगों में ज्यादा सक्रिय होता है जो शांत होते हैं तथा दुनियावी आडम्बरों से दूर रहते हैं।

एब्सोल्यूट औरा प्लेन:यह औरा बाकी औरा प्लेन को संतुलित रखता है। इस औरा प्लेन में व्यक्ति के आत्मा की यात्राओं का विवरण संगृहीत होता है। यह औरा प्लेन बहुत कम लोगो में ही ज्यादा विकसित होता है। [ये भी पढ़ें: आध्यात्मिक लोगों में पाए जाते हैं ये असामान्य गुण]

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