40 की उम्र के बाद कैसे जाएं अध्यात्म के करीब

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how to achieve spiritual wellness after 40

उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति अध्यात्म के करीब जाने की सोचता है। वह खुद को सब चीजों से दूर करके शांत रहने में समय व्यतीत करता है। 40 की उम्र के बाद व्यक्ति जीवन में अध्यात्म के जरिए अपनी भूमिका के बारे में जान सकते हैं। अध्यात्म के जरिए खुद को प्रकृति और भाग्य से जोड़ने में समय लगता है। 40 की उम्र के बाद व्यक्ति पर काम का बोझ कम हो जाता है। जिसके बाद वह खुद के लिए काफी समय निकाल पाता है और अध्यात्म के करीब जाने के लिए कई चीजे करने लगता है। इससे मन और दिमाग दोनों को शांति मिलती है। तो आइए आपको कुछ तरीके बताते हैं जिससे 40 की उम्र के बाद भी अध्यात्म के करीब जाया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: अध्यात्मिक जागृति के कारण रात को 3 से 5 बजे के बीच खुल सकती हैं आपकी नींद]

प्रार्थना और ध्यान लगाएं: जीवन के इस पड़ाव के दौरान व्यक्ति अपना समय अपनी आंतरिक आवाज सुनने में समय व्यतीत करता है। इसके लिए 5 मिनट के लिए बिल्कुल चुप बैठें। आप प्रार्थना भी कर सकते हैं इससे मन को शांति मिलती है। उसके बाद थोड़ी देर के लिए ध्यान लगाएं और अपनी आंतरिक आवाज के बारे में सुनें। यह दोनों चीजें आपके शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। इस तरह से रोजाना 5 मिनट प्रे और मेडिटेशन करें।

खुद से प्यार करना सीखें: यह सुनने में थोड़ा सा अजीब लगता है लेकिन खुद से प्यार करना आपको अध्यात्म के करीब ले जाता है। आप खुद को गिफ्ट दे सकते हैं अपने टेलेंट की सराहना कर सकते हैं। ऐसा खुद को अच्छा महसूस कराने के लिए काफी होता है। [ये भी पढ़ें: कर्म के ये नियम बदल देंगे आपका जीवन]

प्रेरणात्मक सूक्ति पढ़ें: सकारात्मक, प्रेरणात्मक सूक्ति पढ़ने से दिन बहुत ही अच्छा व्यतीत होता है। यह दिमाग को नकारात्मक से सकारात्मक चीजों की तरफ सोचने में मदद करता है। अगर आप खुद को बाहर से स्वस्थ रखना चाहते हैं तो उसके लिए आंतरिक रुप से स्वस्थ होना भी उतना ही जरुरी होता है। अध्यात्म के करीब रहने के लिए दिमाग को सकारात्मक चीजों पर एकाग्र करने की कोशिश करें।

प्रकृति से जुड़ें: अपने चारों तरफ प्रकृति से जुड़ें। सभी जीवित चीजों से जुड़ना प्रकृति से जुड़ने के करीब ले जाता है। प्रकृति शारीरिक और अध्यात्मिक स्वास्थ्य में मदद करता है। जब आप प्रकृति के साथ समय व्यतीत करते हैं तो इससे आपको ऊर्जावान महसूस होता है। [ये भी पढ़ें: अध्यात्म के जरिए दूर करें अपना तनाव]

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