अध्यात्म और रचनात्मकता एक-दूसरे से जुड़े हैं, जानें कैसे

How spirituality and creativity Go Hand In Hand

अध्यात्म और रचनात्मकता यानी की स्प्रीचुएलीटी और क्रिएटीविटी साथ-साथ चलते हैं। अगर आप आध्यात्मिक हैं तो आप रचनात्मक भी हैं। लेकिन अगर आपको लगता है कि आपमें रचनात्मकता नहीं हैं तो ये भ्रम अपने दिमाग से निकाल दें, क्योंकि रचनात्मकता दिमाग नहीं बल्कि हृदय से आती है। आइए जानते हैं कि कैसे रचनात्मकता और अध्यात्म साथ-साथ चलते हैं। [ये भी पढ़ें: अध्यात्म आपको कैसे रखता है स्वस्थ]

रचनात्मकता कहां से आती है: हमारी हर सोच और हर विचार के दो पहलू होते हैं। एक हमेशा रचनात्मक होता है जबकि दूसरा हमेशा तर्क और नियमों पर निर्भर होता है। हमारी रचनात्मकता का मूल हमारा दिमाग नहीं बल्कि हमारी आत्मा होती है और अध्यात्म से हमारी आत्मा को रचनात्मकता का प्रोत्साहन मिलता है। हमारी आंतरिक शक्ति को हमारा अध्यात्म जागृत करता है इसलिए विचारों में रचनात्मकता पैदा होती है।

रचनात्मकता की कोई सीमा नहीं होती: बहुत से लोग रचनात्मकता और कला यानि की क्रिएटीविटी और आर्ट के बीच अंतर को लेकर असमंजस में होते हैं। अच्छी चित्रकारी और अच्छा गाना रचनात्मकता होती है लेकिन रचनात्मकता सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं होती एक इंजीनियर और डॉक्टर भी रचनात्मक ही होते हैं। क्योंकि अगर वे रचनात्मक नहीं हो तो हमें नित नई तकनीक और रोगों का उपचार करने वाली दवाईयां नहीं मिल सकती। इसलिए रचनात्मकता किसी भी रुप में हो सकती है और ये कला से सदैव भिन्न होती है। [ये भी पढ़ें: उपाय जिनसे जीवन में होगा सकारात्मक ऊर्जा का संचार]

अध्यात्म से रचनात्मकता तक का रास्ता: रोज एक कविता या किताब अगर आप पढ़ते हैं तो उसके बाद लिखना शुरु करें। यह आवश्यक नहीं की आप आध्यात्म या धर्म से संबंधित किताब ही पढ़ें लेकिन जो भी पढ़ें उसे दिल से समझें और जो भी मन में आए उसे रोज सुबह शब्दों का आकार दें। आप जब पढ़ेंगे की आपने क्या लिखा है तो आप अपने अंदर की रचनात्मकता को निखरता पाएंगे। अध्यात्म से आपके विचार खुद ही रचनात्मक हो जाते हैं।

रचनात्मकता से अध्यात्म का रास्ता: अपनी रचनात्मकता को अध्यात्म से जोड़ने के लिए खुद प्रयास करें। अपनी प्रार्थना खुद लिखें, अपने प्रभु के प्रति सम्मानजनक शब्दों का निर्माण खुद करें और अपनी इस रचनात्मकता को दुनिया के साथ साझा करें। आप जो कुछ भी करें उसमें अपना कुछ नया करें, अपने दिल की नजरों से दुनिया को देखें ये वाकई आपको खुश कर देने वाला होगा। [ये भी पढ़ें: अध्यात्म के जरिए दूर करें अपना तनाव]

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