रोजाना की आदतें जो आतंरिक शांति प्राप्त करने में मदद करती हैं

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daily habits that helps to achieve inner peace

तनाव, अवसाद और चिंता की वजह से जीवन अशांत रहने लगता है। लेकिन इस अशांति की समस्या से राहत पाने के लिए आतंरिक शांति को बढ़ाया जा सकता है। आतंरिक शांति सिर्फ अध्यात्मिक लोगों से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि सामान्य जीवन जीने वाले भी इसका फायदा उठा सकते हैं। मुश्किल परिस्थितियों में आतंरिक शांति को बढ़ाकर आप ज्यादा रिफ्रेश, धैर्यवान और ध्यानकेंद्रित रहते हैं, जिससे जिंदगी सुंदर और खुशहाल बनने लगती है। इस शांति को पाने के लिए आप रोजाना कुछ आदतों को अपने व्यवहार में शामिल कर सकते हैं, तो आइये जानते हैं वह आदतें कौन-सी हैं। [ये भी पढ़ें: बुरे समय में भगवान हमसे कैसे संपर्क करते हैं]

पर्याप्त नींद लें:
आतंरिक शांति बढ़ाने के लिए शरीर को आरामदायक अवस्था में रहने की जरुरत होती है और शरीर के लिए नींद से बेहतर आरामदायक स्थिति कोई नहीं होती है। रोजाना 7-8 घंटों की नींद लेकर शरीर को तनाव और चिंतामुक्त रखा जा सकता है, पर्याप्त नींद लेने से दिमाग में एंडोर्फिन का स्तर बढ़ता है और आप रिफ्रेश रहते हैं।

पानी: कई लोग तनाव या थकान दूर करने के लिए कॉफी या चाय का सेवन करते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा फायदेमंद पानी का सेवन करना होता है। पानी को सेवन करने से शरीर हाइड्रेट रहता है और खून में ऑक्सीजन का स्तर संतुलित रहता है। शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन रहने से थकान दूर रहती है और आपका दिमाग ज्यादा शांत महसूस करता है। [ये भी पढ़ें: अपने आध्यात्मिक अभ्यास को कैसे बढ़ाएं]

शिकायत ना करें: जब आप छोटी-छोटी बात पर शिकायत करने लगते हैं, तो आपका दिमाग नकारात्मक रूप से प्रभावित होने लगता है। जिसकी वजह से चिंता होने लगती है और आप अशांत होने लगते हैं। इसलिए खुद को अंदर से शांत करने के लिए हर चीज में सकारात्मक रूप देखना शुरू करें और नकारात्मक विचारों को नजरअंदाज करें।

कुछ समय इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से दूर रहें: आधुनिक युग में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से दूर रहने की कल्पना शायद ही कोई कर पाएगा, लेकिन ऐसा करना नामुमकिन भी नहीं है। दिन में थोड़ा समय इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से दूर रहें, क्योंकि इनका ज्यादा इस्तेमाल करने से शरीर के विभिन्न अंगों पर हानिकारक इलेक्ट्रॉनिक किरणें पड़ती है और स्वास्थ्य को बिगाड़ती हैं।

ध्यान लगाएं: दिमाग को शांत रखने के लिए ध्यान लगाना प्रभावशाली उपाय है। ध्यान लगाने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता है और विषाक्त विचारों को दूर किया जा सकता है। जिससे आपकी आतंरिक शांति बढ़ती है।

स्वार्थ रहित रहें: स्वार्थ रहित काम करने से आप अपने अंदर सकारात्मकता को बढ़ाते हैं। जिससे अपने आप दिमाग से अशांति और तनाव दूर होने लगता है और आपको अच्छा महसूस होने लगता है। [ये भी पढ़ें: व्यस्त जीवन में क्यों जरुरी है अध्यात्म]

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