हम क्यों रोते हैं, जानें रोने से जुड़ें कुछ दिलचस्प सच

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why we cry some interesting facts about crying

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हम में से कुछ लोग ऐसे होते हैं जो छोटी-छोटी बातों पर रो देते हैं जैसे किसी की शादी में, बर्थडे पार्टी पर, बच्चे के स्कूल प्ले या अन्य सामान्य कारणों से लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें याद भी नहीं होता है कि वो आखिरी बार कब रोए थे। हालांकि आपकी आंखों में आंसू कभी भी आ सकते हैं और आप इन्हें रोकने में असमर्थ होते हैं चाहे फिर आप कहीं भी हो। लेकिन कुछ अनजाने लोगों के सामने रोना आपके लिए और उनके लिए भी थोड़ा अजीब हो सकता है। क्या आपने कभी सोचा है कि हम रोते क्यों है। कुछ लोग सामान्य से ज्यादा या सामान्य से कम क्यों रोते हैं। आइए आज इस पहेली को सुलझाते हैं कि हम क्यों रोते हैं। [ये भी पढ़ें: इन आदतों के कारण आप बोरिंग व्यक्ति बनते हैं और लोग आपसे दूर हो जाते हैं]

हम क्यों रोते हैं:
why we cry some interesting facts about cryingरोने के पीछे का कारण काफी सामान्य लगता है जैसे हम रोते हैं क्योंकि या तो हम दुखी होते हैं या हम खुश होते हैं। रोना हमारी कुछ भावनाओं के प्रति एक प्राकृतिक भावनात्मक प्रतिक्रिया होती है। भावनाएं जैसे उदास होना और या दुख पहुंचना। लेकिन कुछ लोग इससे अन्य परिस्थितियों और अवसरों के दौरान भी रोते हैं। रोते वक्त आपकी भावनाओं के साथ ऊर्जा का निर्माण होता है। रोना एक भावनात्मक उद्देश्य के कारण से होता है।

एक्सपर्ट का कहना है कि रोना एक बायोकेमिकल प्रोसेस है जिसके दौरान हमारे शरीर में स्ट्रेस हार्मोन और टॉक्सिन्स रिलीज होते हैं। इसके अलावा रोना मेन्यूपुलेटिव भी हो सकता है। इसका इस्तेमाल आप किसी इंसान को अपनी बात मनाने के लिए करते हैं। [ये भी पढ़ें: कैसे उन लोगों को माफ करें जिन्होंने आपको दुख दिया हो]

क्या खुल कर रोना अच्छा होता है:
why we cry some interesting facts about cryingअधिकतर लोग जब दुखी या उदास होते हैं तब वो खुलकर रोना चाहते हैं क्योंकि ऐसा करने से वो अपने दुख को कम करके अच्छा महसूस कर पाते हैं। हालांकि खुलकर रोने के बाद हर कोई अच्छा महसूस करें ऐसा नहीं है। जो लोग डिप्रेशन या चिंता जैसी मानसिक स्थितियों से गुज़र रहे होते हैं उनके लिए खुलकर रोना बेहतर महसूस करने का तरीका नहीं होता बल्कि रोने के बाद उनकी मानसिक अवस्था और खराब हो सकती हैं। हालांकि सामान्य मानसिक स्थिति वाले लोग किसी भावनात्मक स्थिति में रोकर बेहतर अनुभव करते हैं।

कब रोना उचित नहीं: हालांकि रोना एक ऐसी भावना है जो आपके बस में नहीं लेकिन हर परिस्थिति में रोना उचित नहीं होता है। कुछ स्थितियों में आपको अपने आंसूओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। जैसे अगर आपके बॉस ने आपको कुछ बोल दिया है, या आप किसी करीबी सदस्य को मेडिकल चेकअप के लिए ले जा रहे हैं तो आपको उन्हें हिम्मत देने की जरुरत है।

ऐसे में आप थोड़ा समय लेकर उसके बाद अपनी भावनाओं को बहने दे सकते हैं क्योंकि आंसुओं को रोकना भी उचित नहीं है। किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। [ये भी पढ़ें: उल्टे हाथ से काम करने वालों के बारे में प्रचलित मिथक]

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