हर बात पर ओके बोलना बनाता है आपको सामान्य से अलग

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why its not okay to say okay always

बहुत से लोगों की आदत होती है कि वह हर बात पर सिर्फ ओके बोलते हैं। ताकि किसी भी समस्या में ना पड़ें। लेकिन हर बात पर ओके बोलना ठीक नहीं होता है क्योंकि यह व्यक्ति को नकारात्मक रुप से सामान्य रुप से अलग बनाते हैं। इससे लगता है कि आप किसी भी बात का जवाब देना पसंद नहीं करते हैं। यह आपको बाकि लोगों से बात करने में अलग कर देता है। कभी-कभी ओके कहना आपको आजादी का एहसास दिलाता है मगर हम बात पर ओके कहना भी सही नहीं होता है। यह अगर आपका किसी से बात करने का मन नहीं होता है तो इस्तेमाल किया जाता है। तो आइए आपको बताते हैं कैसे हमेशा ओके बोलना आपको सामान्य लोगों से अलग कर देता है। [ये भी पढ़ें: इन आदतों के कारण आप बोरिंग व्यक्ति बनते हैं और लोग आपसे दूर हो जाते हैं]

सोचना बंद करना:
जब भी किसी बात का जवाब देना हो तो उसे ओके बोलकर आप उस सवाल को वहीं खत्म कर देते हैं और उस चीज के बारे में सोचते भी नहीं हैं। ऐसा करने से चीजें नकारात्मक होने लगती हैं। जब कोई व्यक्ति किसी चीज को लेकर सवाल करे तो ओके बोलने की बजाय उसे उसके सवाल का जबाव देना चाहिए ताकि आपके सोचने की क्षमता में सुधार हो सके।

बोरिंग बनाता है:
why its not okay to say okay alwaysजिन लोगों को जवाब देने में आलस आता है वह हर चीज को ओके कहकर टाल देते हैं। जिसकी वजह से बात वहीं रुक जाती है। बातचीत करना दो तरफा प्रक्रिया है जिसमें दोनों लोगों का भाग लेना जरुरी होता है। एक इंसान के जवाब ना देने की वजह से आप बोरिंग होने लगते हैं। लोग अपनी बोरियत को कम करने के लिए एक-दूसरे से बात करते हैं लेकिन अगर दूसरा व्यक्ति बोरिंग हो तो आप भी बोर हो जाते हैं। [ये भी पढ़ें: इन आसान तरीकों से अहंकार को दूर कर खुश रहें]

हमेशा ओके बोलना आपको हर बात पर सहमत बनाता है: आप काम करते समय दूसरे व्यक्ति की बात से कई बार सहमत नहीं होते हैं। जब भी ऐसा होता है तो आपको दूसरे व्यक्ति के फीडबैक की जरुरत होती है ताकि आप अपनी बात के बारे में बता सकें। लेकिन फीडबैक ना देते हुए या लेते हुए उस बात पर ओके बोल देने का मतलब यह होता है कि आप उस बात से सहमत हो रहे हैं। ऐसा करने से यह आपको अच्छा विरोधी नहीं बनाता है और आपमें कोई सुधार नहीं लाता है।

ओके कहने की बजाय फीडबैक दें: ओके कहना आपके बातचीत के स्किल को बेहतर बनाने में मदद नहीं करता है। इसे अपने शब्दकोश से बाहर निकाल देना चाहिए। अपनी बातों को बेहतर तरीके से कहने में थोड़ा समय लगता है लेकिन यह आपके लिए फायदेमंद होता है जो बातचीत को अच्छा बनाता है। [ये भी पढ़ें: कैसे उन लोगों को माफ करें जिन्होंने आपको दुख दिया हो]

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