वयस्कों में एडीएचडी होने की पुष्टि करते हैं ये संकेत

what-are-the-symptoms of attention deficit hyperactivity disorder in adults

एडीएचडी(अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) जैसा मानसिक विकार सिर्फ बच्चों में ही नहीं बल्कि वयस्कों में भी पाया जाता है। इस तरह के विकार में व्यक्ति का दिमाग सामान्य से ज्यादा तेजी से कार्य करता है। इसमें व्यक्ति का स्वभाव बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाता है। खास बात यह है कि बच्चों में इस विकार को तो हम जांच के द्वारा माप भी सकते हैं लेकिन वयस्कों में इस तरह के विकार होने पर किसी भी तरह से इसकी जांच नहीं की जा सकती है। इस विकार के पुष्टि वयस्कों में दिखाई देने वाले इस लक्षणों से पता लगाया जाता है। आइए जानते हैं एडीएचडी से पीड़ित वयस्कों में दिखाई देने वाले लक्षणों के बारे में। [ये भी पढ़ें: घना अंधेरा पैदा करता है न्यक्टोफोबिया जैसा मनोविकार]

एकाग्रता की कमी: एडीएचडी जैसे मानसिक विकार के होने पर व्यक्ति के भीतर एकाग्रता की जबरदस्त कमी देखने को मिलती है। इसमें व्यक्ति अपने आस-पास की चीजों, कार्यों, व्यक्ति या अन्य किसी भी चीज में अपने ध्यान को केन्द्रित करने में बहुत ज्यादा दिक्कत महसूस करता है। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि इस तरह के विकार में मष्तिष्क के उस हिस्से में क्षति देखने को मिलती है जो व्यक्ति के ध्यान को केन्द्रित करने का कार्य करता है।

जरूरत से ज्यादा ध्यानमग्न हो जाना: इस तरह का मानसिक विकार जब किसी व्यस्क में होता है। उसमें कई बार एकाग्रता की कमी तो देखने को मिलती ही है। लेकिन कई बार इसका उलटा भी देखने को मिलता है, ऐसे में व्यक्ति किसी भी कार्य में जरूरत से ज्यादा ही ध्यान लगाने लगता है। ऐसे में व्यक्ति अपने कार्य में इतना लीन हो जाता है कि उसे अपने आस-पास के लोगों का भी ध्यान नहीं होता है।

व्यवस्थित रूप से काम नहीं करना: एडीएचडी जैसे मानिसक विकार से पीड़ित व्यक्ति किसी भी कार्य को सुव्यवस्थित रूप से नहीं करता है। व्यक्ति को समय का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होता है। किसी भी कार्य को करने के जरुरत से ज्यादा समय लगाना, टाइम मैनेजमेंट नहीं कर पाना इस तरह के मानसिक विकार से पीड़ित व्यक्ति में देखने को मिलती है। [ये भी पढ़ेंजानें डिल्यूशनल डिसऑर्डर के बारे में जिसमें व्यक्ति को भ्रम होने लगता है]

भावनाओं में उतार-चढ़ाव आना: इस तरह के मानसिक विकार से पीड़ित व्यक्ति में भावनात्मक रूप से बदलाव देखने को मिलता है। उसके भीतर यह बदलाव साफ देखने को मिलता है, ऐसे में व्यक्ति हंसते-हंसते एकदम से रोने लगता है या रोते-रोते एकदम से जोर-जोर से हंसने लगता है।

आत्मविश्वास में कमी: इस विकार के होने का एक लक्षण यह भी देखने को मिलता है कि व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास बहुत ही कम होता है। इसका एकमात्र कारण होता है जीवन में पहले कभी किसी भी तरह से हुआ दुर्व्यवहार। इसके कारण अधिकतर वयस्कों में आत्मविश्वास की कमी देखने को मिलती है। [ये भी पढ़ें: सोशल एंग्जायटी से पीड़ित व्यक्ति की मदद के लिए रखें इन बातों का ध्यान]

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