कई तरह के होते हैं पर्सनालिटी डिसऑर्डर, जानें कुछ प्रमुख प्रकार

what are the different types of personality disorders

मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की वजह से व्यक्ति के भीतर कई तरह के डिसऑर्डर उत्पन्न होने लगते हैं।पर्सनालिटी डिसऑर्डर भी मानसिक अवस्थस्ता के कारण होता है। इसमें व्यक्ति के व्यवहार में बहुत ज्यादा बदलाव आने लगता है। इन बदलावों के कारण व्यक्ति के दिनचर्या के कार्यों पर इसका सीधा असर देखने को मिलता है। इस तरह के मानसिक विकारों की खास बात यह है कि खुद पीड़ित व्यक्ति को इस तरह के विकार होने का आभास नहीं होता है। घर के बाहर निकलने में बहुत ज्यादा डरना, भीड़ में जाने से डरना आदि पर्सनालिटी डिसऑर्डर के लक्षणों में से एक है। विभिन्न लक्षणों के आधार पर पर्सनालिटी डिसआर्डर भी अलग-अलग तरह के हो सकते हैं। आइए जानते कुछ प्रमुख पर्सनालिटी डिसऑर्डर्स के बारे में।

पैरानोइड पर्सनालिटी डिसऑर्डर:
इस तरह के मानसिक विकार में व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करता है, फिर वह उसके घर के सदस्य हो या फिर दोस्त या फिर कोई अन्य। इस तरह के मानसिक विकार में व्यक्ति के भीतर दूसरों के प्रति एक प्रकार का डर बना रहता है और हमेशा दूसरों को लेकर मन में एक शक बना रहता है। [ये भी पढ़ें: डिपेंडेंट पर्सनालिटी डिसऑर्डर: जिसमें हो जाते हैं लोग दूसरों पर आश्रित]

स्किजॉइड पर्सनालिटी डिसऑर्डर:
इस तरह के पर्सनालिटी डिसऑर्डर में व्यक्ति बहुत ज्यादा ख्यालों में रहता है और खुद के बारे में बहुत ज्यादा सोचने लगता है, इस तरह के मानसिक विकार में व्यक्ति का अपने सेक्सुअल और सोशल रिश्तों के प्रति बहुत ज्यादा ध्यान नहीं होता है और अपने उनके प्रति बहुत ज्यादा उदासीन हो जाता है।

एंटीसोशल पर्सनालिटी डिसऑर्डर:
इस तरह का पर्सनालिटी डिसऑर्डर महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में अधिक पाया जाता है। इसके अंतर्गत व्यक्ति का बाहरी जीवन से लगाव बहुत कम होने लगता है। इसमें व्यक्ति घर के बाहर समाज के नियमों और कानूनों के प्रति बहुत ज्यादा चिड़चिड़ा हो जाता है। इसके साथ-साथ व्यक्ति को समाजिक संबंधो में भी बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

बॉर्डर पर्सनालिटी डिसऑर्डर:
इस तरह के पर्सनालिटी डिसऑर्डर के अंतर्गत व्यक्ति को का व्यवहार बहुत ज्यादा आक्रामक हो जाता है, साथ ही साथ व्यक्ति खुद को हर एक का गलत कार्य के प्रति दोषी मानने लगता है, जिसकी के कारण व्यक्ति का आत्मविश्वास कमजोर हो जाता है और साथ ही साथ कई बार व्यक्ति खुद को हानि पहुंचाने लगता है। इस तरह का मानसिक विकार व्यक्ति के बचपन में हुई कोई शारीरिक यातना या शोषण या फिर यौन शोषण जैसी घटनाओं के कारण दिमाग पर पड़े बुरे प्रभाव के कारण देखने को मिलती है। [ये भी पढ़ें: बॉडी डायस्मोरिक डिसऑर्डर से लोग कैसे और क्यों होते हैं ग्रस्त]

अवॉयडेंट पर्सनालिटी डिसऑर्डर:
अवॉयडेंट पर्सनालिटी डिसऑर्डर के होने पर व्यक्ति घर के बाहर निकलने और किसी से मिलने-जुलने को बहुत ज्यादा घबराने लगता है। इसके साथ-साथ व्यक्ति घर के बाहर किसी भीड़ भरे इलाके में जाने से बहुत ज्यादा डरने लगता है। लोगों के सामने अपनी बातों को कहने में बहुत ज्यादा झिझकता है। इस तरह का मानसिक विकार सीधे तौर पर एंग्जायटी डिसऑर्डर से जुड़ा होता है।

मल्टीपल पर्सनाल्टी डिसऑर्डर:
इस तरह के मानसिक विकार में एक ही व्यक्ति दो या उससे अधिक तरह के व्यक्तित्व को धारण करता है। ऐसे में व्यक्ति दो तरह के जीवन को व्यतीत करने लगता है। व्यक्ति का अपनी भावनाओं, व्यवहार और याददास्त पर अपना नियंत्रण खोने लगता है। जिसके कारण वह एक समय पर दो तरह की जिन्दगी जीता है। इस तरह की समस्या के पीछे व्यक्ति के साथ बचपन में हुई यातनाओं और शोषण को जिम्मेदार ठहराया जाता है।

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