Myth About Emotions: भावनाओं से जुड़े मिथक जो आपको भ्रमित करते हैं

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Common Myths About Emotions

हमारी भावनाएं हमारे विचारों की प्रतिक्रिया होती हैं।

Myth About Emotions: हर कोई अपनी भावनाओं को अलग-अलग तरीके से पेश आता है। हालांकि, कई लोग अपनी भावनाओं से दूर भागते हैं और इन्हें नकारात्मक तरीके से समझते हैं। अधिकतर लोग अपनी भावनाओं के बारे में चर्चा करने या बात करने में असहज महसूस करते हैं। यह जानने की जरुरत है कि आपकी भावनाएं आपको कमजोर नहीं बनाती है। ये भावनाएं वास्तव में हमें अपने दिमाग को स्वस्थ बनाए रखने में सहायता करती हैं। हमारी भावनाएं हमारे विचारों की प्रतिक्रिया होती हैं। हालांकि, ऐसी कई मिथक हैं जो आपकी भावनाओं से जुड़े होते हैं। यही कारण है कि भावनाओं के बारे में आपको सच को जानना चाहिए ताकि आप अपनी भावनाओं को सही तरीके से समझ सकें। आइए जानते हैं भावनाओं के बारे में प्रचलित कुछ मिथक जिन्हें अक्सर लोग सच मान लेते हैं। [ये भी पढ़ें: संकेत जो बताते हैं कि आप अपनी भावनाओं से जुड़े हुए हैं]

Myth About Emotions: भावनाओं के बारे में प्रचलित कुछ मिथक जिन्हें अक्सर लोग सच मान लेते हैं

  • मेरा अपनी भावनाओं पर काबू नहीं है
  • मैं भावनाओं के बिना अधिक प्रोडक्टिव हूं
  • मैं दूसरे लोगों के कारण भावनात्मक हूं
  • अच्छा महसूस करने के लिए भावनाओं से दूर रहना
  • भावनाएं कमजोर बनाती हैं

‘मेरा अपनी भावनाओं पर काबू नहीं है’
यह भावनाओं से जुड़ा सबसे बड़ा मिथक है। बहुत से लोग समस्याओं से बचने के लिए इस बहाने का इस्तेमाल करते हैं कि उनका उनकी भावनाओँ पर कोई काबू नहीं है। असल में, हम सभी अपनी भावनाओं को सकारात्मक तरीके से उपयोग कर सकते हैं। हम अपनी भावनाओं को कैसे हैंडल करते हैं, यह हम पर निर्भर है।

‘मैं भावनाओं के बिना अधिक प्रोडक्टिव हूं’
हमारी भावनाएं हमें कभी भी हमारी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने से नहीं रोकती हैं। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि भावनाओं के बिना वे अधिक प्रोडक्टिव होते हैं। यह सिर्फ एक मिथक है। भावनाएं वास्तव में एक व्यक्ति को काम के साथ अधिक रचनात्मक होने में मदद करती हैं और तनाव को कम रखती हैं।

‘मैं दूसरे लोगों के कारण भावनात्मक हूं’

Myths About Emotions That Will confuse You
भावनाएं हमें अपने डर और ताकत से मिलाने में मदद करते हैं।

जब भावनाओं की बात आती है तो लोग अक्सर ऐसा कहते हैं कि वो दूसरे लोगों की वजह से इमोशनल हैं। लोग अक्सर अपने भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए दूसरों को दोष देते हैं। हालांकि, एकमात्र आप ही हैं जो अपने भावनात्मक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। कोई भी इसके लिए ज़िम्मेदारी नहीं है।

‘अच्छा महसूस करने के लिए भावनाओं से दूर रहना’
यह भावनाओं के बारे में सबसे आम मिथकों में से एक है। अपने बारे में बेहतर महसूस करने के लिए आपको भी खुद से दूर होने जरूरत नहीं है। नकारात्मक भावनाओं से निपटने का एकमात्र तरीका उन्हें स्वीकार करना और फिर उन्हें सकारात्मक दिशा में बदलना।

‘भावनाएं कमजोर बनाती हैं’
अक्सर लोग खुद को बचाने के लिए ऐसा कहते हैं कि उनकी भावनाएं उन्हें कमजोर बनाती हैं हालांकि यह केवल एक मिथक है। हमारी भावनाएं हमें केवल मजबूत बनाती हैं और बेहतर भावनात्मक स्वास्थ्य पाने में हमारी सहायता करती हैं।

[जरुर पढ़ें: संकेत जो बताते हैं कि आप अपनी भावनाओं से दूर हो रहे हैं]

ये भावनाओँ से जु़ड़े कुछ मिथक हैं जिनसे आपको बचना चाहिए और इनसे जुड़े सच को जानना चाहिए नहीं तो आप खुद को ही नुकसान पहुंचाएंगे। आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

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