जानिए क्या है मानसिक अस्वस्थता, इसके कारण और लक्षण

what are the causes symptoms and treatment of mental illness

जब कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से अस्वस्थ होता है तो उसका प्रभाव उसके शरीर,अंगों पर आसानी से देखने को मिल जाता हैं। लेकिन मानसिक रूप से स्वस्थ ना होने पर इसका प्रभाव व्यक्ति के सोचने समझने की शक्ति पर, उसके व्यवहार पर या उससे जुड़ी बातों पर देखने को मिलता है। मानसिक रूप से अस्वस्थ होना कई बार दिमाग में होने वाले हार्मोनल असंतुलन के कारण या जीवन में होने वाली दुर्घटनाओं ( दुर्घटनाओं से तात्पर्य जीवन में बुरे अनुभवों से है) के कारण देखने को मिलता है। [ये भी पढ़ें: लक्षण जो करते हैं स्किज़ोफ्रेनिया की ओर इशारा]

मानसिक अस्वस्थता के कारण: मानसिक अस्वस्थता के कारणों का ठीक से पता लगा पाना मुश्किल होता हैं। इसके होने के पीछे होने वाले अनुवांशिकता, शरीर में होने वाली जैविक प्रक्रिया, जीवन में घटित बातें या उनका बुरा अनुभव प्रमुख रूप से शामिल है। हमारे दिमाग में ऐसी तंत्रिकाएं होती हैं जो हमारे सोचने-समझने की शक्ति, व्यवहार और विचार पर नियंत्रण रखतें हैं, इन तंत्रिका में होने वाले बदलावों के कारण इस तरह के विकार उत्पन्न होने की संभावना होती है।

मानसिक अस्वस्थता के लक्षण: मानसिक रूप से अस्वस्थ होने पर कई तरह के विकार उत्पन्न होने लगते हैं, इनके लक्षण भी भिन्न होते हैं लेकिन कुछ ऐसे लक्षण भी होते हैं जो हर तरह के विकारों में एक से पाये जाते हैं।

  • अपने आप में ही रहना, अकेला रहना।
  • मूड में बदलाव आते रहना, परिस्थिति के अनुसार व्यवहार नहीं करना।
  • संबंधो में समस्याएं उत्पन्न होने लगना।
  • मति भ्रमित होना(काल्पनिक दुनिया में रहना)।
  • दूसरों से दुर्व्यवहार करना।
  • बहुत ज्यादा शराब या दवा का सेवन करना।
  • निराशावादी हो जाना।
  • अपने जीवन में हो रही घटनाओं से दूर भागना।
  • नींद नहीं आना। [ये भी पढ़ें: बच्चे का दुर्व्यवहार हो सकता है कनडक्ट डिसऑर्डर का कारण]

मानसिक अस्वस्थता के प्रमुख उपचार: मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को ठीक करने के लिए दवाओं के साथ-साथ अन्य तरह की थेरेपी की आवश्यकता होती है। नीचे दिये गए तरीकों से मानिसक रोगों से जूझ रहे व्यक्ति का इलाज किया जा सकता है।

लाइफस्टाइल में बदलाव: जिन लोगों में मानिसक विकार पाए जाते हैं उनको दवाओं के साथ-साथ अपने जीवन में बदलाव लाना जरुरी होता है। जिसमें अपने काम में बदलाव लाना, नियमित रूप से व्यायाम करना, अपने आप को व्यस्त रखने के लिए अलग-अलग तरह के कार्य करना जिसमें उस व्यक्ति का मन लगता हो।

इलेक्ट्रोकोनिवल्ज़िव थेरेपी: इस तरह के उपचार में पीड़ित व्यक्ति को एनेस्थेसिया देकर उसके दिमाग के कुछ चुन्निदा हिस्सों से इलेक्ट्रोडोज को दिमाग के पहुंचाया जाता है। इस तरह का उपचार ज्यादातर बहुत ज्यादा डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति को दिया जाता है।

वेगस नर्वस सिमुलेशन: इसमें डॉक्टर मरीज के वेगस तंत्रिका तंत्र में एक उपकरण लगाता है जो दिमाग के उन हिस्सों को सन्देश भेजता है जो हमारे सोचने समझने की क्षमता को नियंत्रित करते हैं। इस तरह के उपकरण का प्रयोग बहुत ज्यादा तनाव रहने पर और डिप्रेशन होने पर किया जाता है।  [ये भी पढ़ें : इन वजहों का परिणाम हो सकता है बच्चे का दुर्व्यवहार]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "