पैनिक डिसऑर्डर का संकेत हो सकती है बहुत ज्यादा घबराहट

what are the causes and treatment of panic disorder

पैनिक डिसऑर्डर सामान्य तौर पर होने वाली घबराहट और डर से काफी भिन्न होता है। पैनिक डिसऑर्डर असल में एंग्जायटी डिसऑर्डर का ही एक प्रकार है जो कि उसके गंभीर होने पर होता है। इसे हम एंग्जायटी डिसऑर्डर का अंतिम लेवल मान सकते हैं। इस तरह का विकार ज्यादातर युवाओं और उन लोगों में देखने को मिलता है जो बहुत ज्यादा काम करते हैं या फिर अपने काम से खुश नहीं हो पाते हैं ,किसी प्रकार की अन्य समस्या से गुजर रहे होते हैं। इस तरह के विकार उत्पन्न होने पर व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर बहुत ज्यादा घबराने लगता है यहां तक इस विकार के कारण व्यक्ति अकेले रहने में भी डरने लगता है। इससे जुड़े और भी कई पहलू हैं जिनके बारे में जानना जरुरी है।

पैनिक डिसऑर्डर के लक्षण:
what are the causes and treatment of panic disorder* छोटी से छोटी बात पर अचानक से बहुत ज्यादा डर जाना।
* पैनिक अटैक के लक्षण मिलना, काफी तेजी से दिल धड़कना, बहुत ज्यादा पसीना आना, हाथ-पैर सुन्न हो जाना जैसी समस्याएं होती हैं।
* इस तरह के मानसिक विकार के कारण व्यक्ति के व्यवहार में तो बदलाव आते ही हैं साथ ही साथ इसके कारण दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी बना रहता है।
* सांस लेने में तकलीफ होना।
* हृदय और छाती में दर्द होना।
* सांसों का फूलना।
* पेट में दर्द होना या बहुत ज्यादा थकान महसूस होना। [ये भी पढ़ें: क्या हैं हिस्ट्रियोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर के कारण और उपचार]

पैनिक डिसऑर्डर के कारण
फैमली हिस्ट्री:
इस तरह की बीमारी परिवार में किसी के होने पर पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है। इस तरह का विकार भी उतना ही घातक है जितना कैंसर या फिर दिल से जुड़ी बीमारियां।

दिमाग में होने वाली असमानता के कारण:
दिमाग में होने वाली असमानताओं के कारण इस तरह के विकार होना स्वभाविक है। इन असमानताओं से तात्पर्य है दिमाग में होने वाले रासायनिक बदलाव जिसके होने पर मानसिक विकार उत्पन्न होने लगते हैं।

किसी भी प्रकार की लत के कारण:
कई बार युवाओं में दवाओं और एल्कोहल की बहुत ज्यादा लत लग जाने के कारण भी पैनिक अटैक होने लगता है। इसे हम दवाओं और एल्कोहॉल के साइड इफ्फेक्ट के रूप में ले सकते हैं। [ये भी पढ़ें: स्चिज़ॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर जो बढ़ा देता है रिश्तों में दूरी]

बहुत ज्यादा तनाव के कारण:
what are the causes and treatment of panic disorderकई बार व्यक्ति अपने काम, अपने परिवार या अन्य किसी भी कारण से तनावग्रस्त रहने लगते हैं। इस वजह से भी पैनिक डिसऑर्डर होने का खतरा बना रहता है। ज्यादा तनाव होना भी व्यक्ति में मानसिक विकार को प्रदर्शित करता है। इसके बढ़ जाने पर पैनिक डिसऑर्डर होने की संभावना और ज्यादा बढ़ जाती है।

पैनिक डिसऑर्डर के उपचार:
मनोचिकित्सा:
इस तरह के उपचार के कारण मानिसक विकार के परिस्थिति को पहचाना जाता है, इसमें मनोचिकित्सक पीड़ित व्यक्ति से बात करने, उसके जीवन के बारें में जान कर, इसका उपचार करता है।

कॉगनिटिव बिहेवियरल थेरेपी:
इस तरह की थेरेपी मनोचिकित्सा का ही एक प्रकार है जिसमें मनोचिकित्सक व्यक्ति के सोचने समझने की क्षमता, व्यवहार में बदलाव लाने की कोशिश करता है। इसमें उसके आस-पास के वातावरण में बदलाव लाकर, पीड़ित व्यक्ति के भीतर सकारात्मक सोच को उत्पन्न किया जाता है।

दवाइयों के द्वारा:
what are the causes and treatment of panic disorderकई बार जब मानिसक विकार थेरेपी या अन्य तरीको से ठीक नहीं हो पाते हैं, ऐसे में डॉक्टर उसका उपचार दवाइयों के माध्यम से करता है। इसमें दिमाग में होने वाले रासायनिक बदलावो को ठीक किया जाता है।

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